यूआईटी के पूर्व चेयरमैन और कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा ने कहा है कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, वह कुछ सोच-समझकर दी है
भीलवाड़ा।
यूआईटी के पूर्व चेयरमैन और कांग्रेस के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष रामपाल शर्मा ने कहा है कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, वह कुछ सोच-समझकर दी है। सभी बिखरे हुए लोगों को एक जाजम पर लाना मेरा काम है।
रूठे या गलत दिशा में जा रहे कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की रीति-नीति समझाएंगे। जिलाध्यक्ष ने पत्रिका से खास बातचीत में कहा कि उनके जिलाध्यक्ष बनने के बाद चर्चाएं है कि मांडल विधानसभा से वे चुनाव कैसे लड़ेंगे लेकिन पहले भी मैं चुनाव लड़ चुका हूं और और इस बार फिर मांडल से ही चुनाव लडूंगा।
पेश है बातचीत के अंश
सवाल: पार्टी ने १२ साल बाद वापस जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है, कैसे पूरी करेंगे?
जवाब: कांग्रेस को एकजुटता के धागे में पिरोकर चुनाव में बड़ी जीत दिलाएंगे। जो वरिष्ठ नेता है उन्हें साथ लेकर काम करेंगे। जिनके छोटे-मोटे मनमुटाव है वे दूर करेंगे।
सवाल: सरकार के काम का आंकलन कैसे करते हैं?
जवाब: राज्य सरकार पूरी तरह विफल है। गहलोत सरकार में डॉ. सीपी जोशी ने जो काम शुरू कराए उन कामों को अभी तक पूरा नहीं किया। तीन बड़े कारखाने यहां आने से वंचित रह गए। इस सरकार ने केवल बेरोजगारी दी है।
सवाल-आप कांग्रेस जिलाध्यक्ष बन गए, अब मांडल विधानसभा से चुनाव कौन लड़ेगा?
जवाब-जिलाध्यक्ष पद का चुनाव लडऩे से कोई संबंध नहीं है। अभी चर्चा है कि मेरी जगह कोई और आ जाएगा। मैं अब भी मांडल से ही चुनाव लडूंगा, इसमें कोई संशय नहीं है। पार्टी की तरफ से इसमें कोई रोक नहीं है।
सवाल: सरकार बनती है तो सीएम किसे बनाना पसंद करते हैं गहलोत या सीपी को?
जवाब-कांग्रेस में यह सब आलाकमान तय करता है। विधायकों की जो राय होगी वही होगा।
सवाल-आप यूआईटी में चेयरमैन रहे, अभी के कार्यकाल को लेकर क्या कहेंगे?
जवाब-शहर में सड़कें चौड़ी करने का काम हमारे राज में हुआ। जो काम अधूरे थे, वे शुरू नहीं हुए। इस राज में केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है।
सवाल-जिलाध्यक्ष पद से अनिल डांगी को हटाकर आपको बनाया, क्या वे सक्रिय नहीं थे?