बांगड़ अस्पताल में आग लगने का मामला : पांच सदस्यीय जांच समिति ने सौंपी रिपोर्ट
भीलवाड़ा.
शहर के आरसी व्यास स्थित बृजेश बांगड मेमोरियल हॉस्पिटल में रविवार सुबह आग लगने की वजह शार्ट सर्किट नहीं बल्कि यूपीएस का अत्यधिक गर्म होना था। अस्पताल में कहीं जला वायर नहीं मिला। यूपीएस रूम बंद रहता है। इसे ठंडा रखने को एसी लगे हैं लेकिन किसी कारण से अधिक गर्म होने पर यूपीएस की बैट्री ने आग पकड़ ली। बंद कमरे में वह धू-धू कर जल गया। इसकी किसी को भनक भी नहीं लगी। इसे खोलने पर उठे धुएं से अस्पताल में अफरा तफरी मची। यह निचोड़ है बांगड़ अस्पताल में आग की वजह की जांच करने वाली पांच सदस्यीय समिति का। समिति ने अपनी रिपोर्ट जिला कलक्टर को सौंप दी।
हमीरगढ़ एसडीएस की अध्यक्षता वाली समिति ने रविवार को बांगड़ अस्पताल का दौरा किया और आग की वजह ढूंढ़ी। जांच रिपोर्ट के अनुसार, गर्म होने के कारण यूपीएस कक्ष अंदर ही अंदर धू-धू करजल गया। अस्पताल के पीछे के हिस्से में धुआं निकला तो पता लगा। कक्ष का गेट खोलते ही अस्पताल में धुआं फै ल गया। तब तक यूपीएस पूरी तरह जल चुका था। जांच में खुलासा हुआ कि यूपीएस सिस्टम कक्ष के बाहर कंट्रोल पैनल तक विद्युत सर्किट की वायरिंग में कोई फाल्ट नहीं मिला। यूपीएस कक्ष के अंदर फॉल सीलिंग व वायरिंग जली मिली। अस्पताल का फायर फाइटिंग सिस्टम, हॉजरील एवं आग बुझाने का यंत्र सही पाए गए। जांच समिति में सीएमएचओ डॉ. मुस्ताक खान,नगर परिषद एवं अजमेर डिस्कॉम के अधिशाषी अभियन्ता तथा नगर परिषद का फायर अधिकारी शामिल थे।
जांच समिति ने दिए सुझाव
जांच समिति ने सुझाव दिए कि यूपीएस कक्ष के अंदर जले उपकरण, आग से प्रभावित हिस्से को सही कराएं। अस्पताल में पर्याप्त मात्र में एग्जास्ट फैन लगाएं। फायर फाइटिंग सिस्टम हॉजरील व आग बुझाने के उपकरण चलाने का रिकार्ड रखें। यूपीएस बैट्री बैकअप की जांच या निरीक्षण का रिकॉर्ड रखा जाए। सभी व्यवस्था दुरस्त कर अस्पताल चलाएं।
इधर, बांगड़ के सीईओ मोहित जैथलिया ने बताया कि रविवार को अन्य अस्पतालोंं में शिफ्ट किए सभी ४२ मरीजों को पुन: बांगड़ लाकर इलाज शुरू कर दिया है। आउटडोर भी शुरू कर दिया गया।