साल में दो बार सुरक्षा अभियान चलाती है यातायात पुलिसआमजन को जाम से नहीं मिल पा रहा छुटकारा
यातायात पुलिस मंगलवार से शहर में बिना हेलमेट के दुपहिया चालकों के चालान बनाने का अभियान शुरू करेगी। अभी सड़क सुरक्षा सप्ताह भी चल रहा है। यातायात पुलिस अभियान पर अभियान चला रही है लेकिन उसका ध्यान ट्रैफिक लाइट्स चालू कराने पर नहीं गया। सड़कों पर बढ़ता अतिक्रमण भी यातायात को अस्त-व्यस्त करता है लेकिन प्रशासन इस पर भी ध्यान नहीं देता।
भीलवाड़ा के लोग कहते हैं, कोई भी नया अधिकारी आता है तो व्यवस्था सुधारने के बजाय हेलमेट लागू करता है। जनता का ध्यान इनसे बचने और छुड़ाने में रहता है। भीलवाड़ा ऐसा बड़ा जिला मुख्यालय हैं, जहां एक भी ट्रैफिक लाइट चालू हो। शहर के फुटपाथ पर फुटकर व अन्य व्यापारियों के कब्जे हैं। सड़क पर ठेलों की भरमार है।बावजूद इसके साल में एक-दो बार सड़क सुरक्षा या हेलमेट को लेकर अभियान चलाया जाता है। लोग विरोध करते हैं तो अभियान रोक दिया जाता है।
यातायात व्यवस्था बदहाल
शहर के अधिकांश सड़कों पर अतिक्रमण के कारण यातायात का बुरा हाल है। आजाद चौक, भीमगंज थाने से सांगानेरी गेट, मुख्य बाजार, राजेन्द्र मार्ग, रोडवेज बस स्टैंड चौराहा, बाजार नंबर दो व तीन, सेशन कोर्ट के पास, शाम की सब्जी मंडी समेत मुख्य मार्गाें पर यातायात पुलिसकर्मी खड़े रहते हैं, फिर यातायात अस्त-व्यस्त रहता है।
हर दिन जाम
शहर में बढ़ते अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। इस कारण शहर में दिन में कई बार जाम के हालत बनते हैं, लेकिन अतिक्रमण हटाने के लिए एक दूसरे विभाग पर जिम्मेदारी डालकर बचने का प्रयास करते हैं। नगर परिषद व नगर विकास न्यास के अधिकारी भी अतिक्रमण नहीं हटाते हैं। जाम से छुटकारा के लिए शहर के लोग एक और ओवरब्रिज की मांग कर रहे है, लेकिन इस पर भी न्यास का ध्यान नहीं है।
अभी समझा रहे
बिना हेलमेट के चालान बनाने का अभियान मंगलवार से शुरू किया जाएगा। अभी समझाइश का काम चल रहा है।
राजपालसिंह, यातायात शाखा प्रभारी