भीलवाड़ा

शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग अनिवार्य, 8 तक पूरे करने होंगे 2 कोर्स

शिक्षा विभाग का सख्त फरमान 9 अप्रेल को देनी होगी रिपोर्ट
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Apr 06, 2026
Online Training Mandatory for Teachers and Staff; Two Courses Must Be Completed by the 8th
शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए ऑनलाइन ट्रेनिंग अनिवार्य, 8 तक पूरे करने होंगे 2 कोर्स

भीलवाड़ा जिले के सभी राजकीय विद्यालयों में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार के (आईगॉट) कर्मयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म' पर ट्रेनिंग लेना अनिवार्य कर दिया गया है। राजस्थान सरकार के प्रशिक्षण विभाग की ओर से चलाए जा रहे साधना सप्ताह के तहत शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। कर्मचारियों को 8 अप्रेल तक कम से कम चार घंटे का प्रशिक्षण पूरा करना होगा। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (समग्र शिक्षा) अरूणागारू की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। जिला कलक्टर के निर्देशों के हवाले से जारी इस पत्र में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

न्यूनतम दो कोर्स करने होंगे पास

आदेश के अनुसार सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को आईगॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर अपना पंजीयन करवाना होगा। 8 अप्रेल तक चलने वाले साधना सप्ताह के दौरान प्रत्येक कार्मिक को कम से कम चार घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य है। इसके तहत उन्हें न्यूनतम दो पाठ्यक्रम (कोर्स) सफलतापूर्वक पूरे करने होंगे।

संस्था प्रधानों की तय की गई जिम्मेदारी

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीन आने वाले सभी राजकीय विद्यालयों के संस्था प्रधानों को इस संबंध में पाबंद करें। संस्था प्रधानों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे अपने स्टाफ से निर्देशों की अक्षरश से पालना सुनिश्चित करवाएं।

9 अप्रेल तक देनी होगी पूरी रिपोर्ट

इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग के लिए एक निर्धारित प्रारूप भी जारी किया गया है। सभी ब्लॉक अधिकारियों को 9 अप्रेल तक अनिवार्य रूप से एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेजनी होगी। इस रिपोर्ट में कुल कार्मिकों की संख्या, पंजीकृत कार्मिकों की संख्या, कोर्स पूर्ण कर चुके कार्मिकों की संख्या और किए गए कुल कोर्सेज का पूरा ब्यौरा देना होगा। विभाग ने इस पत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

आरटीई एडमिशन: परिवेदनाओं को सुलझाने की मियाद आज होगी खत्म

राइट टू एजुकेशन (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में अपने बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने का सपना देख रहे अभिभावकों और शिक्षा विभाग के लिए अगले दो दिन बेहद अहम हैं। आरटीई आवेदनों में रही खामियों और उन पर दर्ज कराई गई परिवेदनाओं के निस्तारण के लिए सोमवार का दिन अंतिम है। आज जिले के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों (सीबीईओ) को हर हाल में इन सभी आपत्तियों का निपटारा करना होगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

कल निकलेगी लॉटरी, खुलेगा किस्मत का ताला

शिक्षा विभाग के तय कार्यक्रम के अनुसार सोमवार शाम आपत्तियों के अंतिम निस्तारण के ठीक बाद, 7 अप्रेल को द्वितीय चरण की लॉटरी निकाली जाएगी। इस लॉटरी के माध्यम से उन बच्चों का भाग्य तय होगा जिनके आवेदनों में खामियां पाई गई थीं और जिन्हें सुधार का मौका दिया गया था। लॉटरी निकलने के साथ ही अभिभावकों का इंतजार भी खत्म हो जाएगा।

तभी सामने आएगा वास्तविक आंकड़ा

विभाग का कहना है कि 7 अप्रेल को दूसरे चरण की लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आरटीई प्रवेश की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेगी। इसी दिन यह अंतिम आंकड़ा सामने आएगा कि इस सत्र में आरटीई के तहत जिले में कुल कितने वैध आवेदन प्राप्त हुए और अंततः कितने नौनिहालों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का अधिकार (प्रवेश) मिल सका है। फिलहाल, सभी की निगाहें सीबीईओ कार्यालयों में चल रहे परिवेदना निस्तारण के काम पर टिकी हुई हैं।

Updated on:
06 Apr 2026 08:32 am
Published on:
06 Apr 2026 08:32 am