भीलवाड़ा

अब तो आंखें खोलो प्रशासन: चौराहों का हो, री-डिजाइन, जनता की जान से खेलने वाले अधिकारियों पर तय हो जिम्मेदारी

मंडी सर्कल से सिर्फ पोस्टर हटाकर की इतिश्री, जानलेवा भाले अब भी दे रहे मौत को न्योता

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Mar 30, 2026
अब तो आंखें खोलो प्रशासन: चौराहों का हो, री-डिजाइन, जनता की जान से खेलने वाले अधिकारियों पर तय हो जिम्मेदारी

भीलवाड़ा शहर के चौराहे अब सुंदरता का प्रतीक नहीं, बल्कि हादसों का डेथ पॉइंट बन चुके हैं। नगर निगम के इंजीनियरों ने ऐसे जानलेवा स्ट्रक्चर खड़े कर दिए हैं, जो वाहन चालकों के लिए सीधे तौर पर मौत का फरमान हैं। 'पत्रिका' के इस महाभियान का सीधा उद्देश्य एसी कमरों में बैठे और कुंभकर्णी नींद सो रहे प्रशासन को जगाना है। शहरवासियों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से एक तकनीकी कमेटी का गठन कर शहर के सभी सर्कल का सेफ्टी ऑडिट किया जाए और जनता की जान जोखिम में डालने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

नगर निगम के अधिकारियों की संवेदनहीनता की हद

राजस्थान पत्रिका की ओर से 24 मार्च को 'जान की दुश्मन बनी सुंदरता: मंडी सर्कल पर लगे नुकीले भाले दे रहे मौत को न्योता' शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया। इसके बाद नगर निगम हरकत में तो आया, लेकिन केवल दिखावे के लिए। अधिकारियों ने कृषि उपज मंडी सर्कल से पोस्टर और बैनर तो हटवा दिए, लेकिन वे जानलेवा नुकीले भाले जस के तस छोड़ दिए।

ताक पर रखे आईआरसी के नियम, हवा में उड़ाई 'साइट ट्रायंगल' की थ्योरी

सड़क सुरक्षा के राष्ट्रीय मानकों इंडियन रोड कांग्रेस की नगर निकायों ने धज्जियां उड़ा दी हैं। आईआरसी के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि किसी भी चौराहे के बीच बने आइलैंड की ऊंचाई और उस पर बना ढांचा ऐसा नहीं होना चाहिए जो चालक की दृष्टि को बाधित करे। एक सामान्य कार चालक की आंखों की ऊंचाई सड़क से लगभग 1.2 मीटर मानी जाती है। नियम कहते हैं कि चौराहे पर कोई भी निर्माण इस तरह होना चाहिए कि चालक दूसरी ओर से आ रहे ट्रैफिक को आसानी से देख सके। इसे तकनीकी भाषा में 'साइट ट्रायंगल' क्लियर होना कहते हैं।

पत्रिका विजन: तुरंत हो ट्रैफिक ऑडिट, यह है समाधान

शहर का विस्तार तेजी से हो रहा है और सड़कों पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ चुका है। ऐसे में पत्रिका जिला प्रशासन को स्पष्ट सुझाव देता है कि अवैज्ञानिक तरीके से बने इन सभी चौराहों की तुरंत विशेषज्ञों द्वारा ऑडिट करवाई जाए। हादसों का इंतजार करने के बजाय ये कदम तत्काल उठाए जाएं। सबसे पहले कृषि उपज मंडी सर्कल से वे जानलेवा नुकीले भाले तुरंत काटे जाएं।

मंगल पांडे, गोल प्याऊ चौराहा, आरटीओ रोड स्थित सर्कल और कुंभा सर्कल की ऊंचाई तत्काल घटाई जाए ताकि विजिबिलिटी बढ़े। सड़क की क्षमता और वाहनों के दबाव के अनुसार इन सभी सर्कल का आकार फिर से 'इंडियन रोड कांग्रेस' के मानकों के अनुरूप तय किया जाए। चौराहे से 20 मीटर के नियम की सख्ती से पालना हो। चौराहों के अंधे मोड़ों और परिधि से ठेले और गुमटियां तुरंत हटाई जाएं।

Published on:
30 Mar 2026 07:17 pm
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