29 मार्च 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan News : नशे की रफ्तार ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार, पिता-पुत्री की मौत, मां-पत्नी लड़ रहीं जिंदगी की जंग

कोटड़ी थाना क्षेत्र के सोडियास चौराहे के पास शनिवार को बेकाबू ट्रक ने ना केवल एक राह चलते परिवार को रौंदा, बल्कि एक बूढ़े पिता के बुढ़ापे की लाठी और एक मासूम के बचपन को हमेशा के लिए छीन लिया।

2 min read
Google source verification
bhilwara accident

फोटो पत्रिका नेटवर्क

भीलवाड़ा। कोटड़ी थाना क्षेत्र के सोडियास चौराहे के पास शनिवार को बेकाबू ट्रक ने ना केवल एक राह चलते परिवार को रौंदा, बल्कि एक बूढ़े पिता के बुढ़ापे की लाठी और एक मासूम के बचपन को हमेशा के लिए छीन लिया। हादसे में कांटी निवासी भेरुनाथ और उनकी पांच वर्षीय मासूम बेटी रिया की मौत हो गई, जबकि मृतक की मां और पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। बहन के ससुराल में शादी की खुशियों में शामिल होने के लिए भाई और उसका परिवार झूम रहा था। वहां अब रूह कंपा देने वाला करुण क्रंदन सुनाई दे रहा है।

जानकारी के अनुसार, कांटी निवासी 40 वर्षीय भैरूनाथ बहन मनभर के ससुराल में होने वाली शादी को लेकर बेहद उत्साहित था। वह अपनी मां हीरा देवी, पत्नी समता और बेटी रिया के साथ बाइक पर कोटड़ी जा रहा था। उसे अपनी बहन के लिए कपड़े और शगुन का सामान खरीदना था। लेकिन सोडियास चौराहे के पास अचानक बाइक खराब हो गई।

भैरूनाथ ने गाड़ी किनारे खड़ी की और परिवार के साथ सुरक्षित जगह खड़े होकर आगे जाने का रास्ता सोच ही रहा था कि कोटड़ी की ओर से आए एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। थानाधिकारी महावीर मीणा ने बताया कि घायलों को पहले कोटड़ी और फिर भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान पिता-पुत्री ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर मामला दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है। फिलहाल, मृतक की मां हीरा और पत्नी समता का इलाज जारी है।

बुझ गया घर का इकलौता चिराग

भैरूनाथ अपने पिता बंशीनाथ की इकलौती संतान था। पूरे परिवार की जिम्मेदारी और उम्मीदें उसी के कंधों पर थीं। हादसे ने एक झटके में वृद्ध पिता से उसका बेटा और पोती छीन ली। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ट्रक चालक नशे में धुत था और वाहन पर उसका वाहन पर नियंत्रण नहीं था। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप गई।

गांव में नहीं जले चूल्हे

हादसे की खबर कांटी गांव पहुंची तो वहां सन्नाटा पसर गया। जिस घर से शादी के गीत गूंजने थे, वहां से अब चीखें सुनाई दे रही हैं। शोक संतप्त ग्रामीणों ने इस दुखद घड़ी में एकजुटता दिखाते हुए शनिवार शाम अपने घरों में चूल्हे नहीं जलाए।