
घटना की जानकारी लेते जहाजपुर विधायक समेत अन्य लोग (फोटो- पत्रिका)
जहाजपुर (भीलवाड़ा): रविवार की सुबह जहाजपुर थाना क्षेत्र के नाथुण के पास की सड़क पर जब तेज रफ्तार कहर बनकर टूटी, तो तीन परिवारों के आंगन से खुशियां हमेशा के लिए विदा हो गईं। एक भीषण सड़क हादसे में तीन होनहार युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे की खबर ने न केवल उनके परिवारों पर शोक का पहाड़ तोड़ दिया, बल्कि पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
हादसे का शिकार हुए शक्करगढ़ के जोजर निवासी 19 वर्षीय विशाल सिंह अपने चचेरे भाई राहुल सिंह के साथ आरएससीआइटी की परीक्षा देने जहाजपुर जा रहे थे। विशाल कॉलेज के प्रथम वर्ष का छात्र था, जबकि राहुल 11वीं में पढ़ाई कर रहा था।
दोनों भाई अपने भविष्य को संवारने के लिए कंप्यूटर कोर्स कर रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। नाथुण के निकट सामने से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल से उनकी बाइक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई।
दूसरी मोटरसाइकिल पर इटूंदा निवासी नरेंद्र मेघवंशी (36) और टीकड निवासी जितेंद्र कुमार (35) सवार थे, जो आपस में गहरे दोस्त थे। हादसे में विशाल, नरेंद्र और जितेंद्र ने दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल राहुल का दर्द और तड़प वहां से गुजरने वालों के कलेजे को चीर देने वाली थी।
विशाल के सिर से पिता का साया तो बचपन में ही उठ गया था। घर में दो भाई थे, जिसमें विशाल सबसे छोटा था। मां ने गरीबी और संघर्षों के बीच बेटे को बड़ा किया था कि वह पढ़-लिखकर सहारा बनेगा, लेकिन आज उस मां की दुनिया ही उजड़ गई। विशाल की मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। वहीं, नरेंद्र और जितेंद्र के परिवारों में भी मातम का सन्नाटा पसर गया है।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों मोटरसाइकिलों के परखच्चे उड़ गए और उनके टुकड़े हाईवे पर दूर-दूर तक बिखर गए। सड़क पर बहता खून और तड़पते युवाओं को देखकर राहगीरों के दिल दहल गए।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन काल के क्रूर पंजों में फंस चुके तीन चिरागों को बचाया नहीं जा सका।
परिजनों की आंखों के आंसू सूखने का नाम नहीं ले रहे हैं। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा है। यह हादसा उन तमाम परिवारों के लिए एक कड़वी याद बनकर रह गया है, जिन्होंने सड़क पर अपने अपनों को खोया है। तीन परिवारों के घरों में चूल्हे नहीं जले।
मृतक जितेंद्र और नरेंद्र दोनों ही एक ही समाज के और एक दूसरे के घनिष्ठ मित्र थे। दोनों ही बिजोलियां के समीप गोडदा माइंस पर कार्य करते थे। छुट्टियों पर गांव आए हुए थे। दोनों गांव से कम पर लौट रहे थे। गांव से 10 किलोमीटर दूर ही निकले थे कि दोनों की बाइक टकरा गई, जिसमें दोनों मित्रों की एक साथ मौत हो गई।
समाज के लोगों का कहना है कि दोनों अच्छे मित्र थे दोनों गांव एक साथ आते थे एक माइंस में एक कार्यस्थल पर कार्य करते थे। संजोग भी देखिए की घटना के समय भी दोनों एक ही बाइक पर थे और दोनों की एक साथ मृत्यु हुई।
Updated on:
30 Mar 2026 12:25 pm
Published on:
30 Mar 2026 12:25 pm
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