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एक मंच, 24 पांडुशिलाएं और 24 जिन प्रतिमाओं का एक साथ महाअभिषेक, जयकारों से गूंजा पंडाल

महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव: दूसरे दिन अग्रवाल उत्सव भवन में उमड़ा आस्था का सैलाब

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One stage, 24 manuscripts and 24 Jina idols were consecrated together, the pandal resounded with cheers.

एक मंच, 24 पांडुशिलाएं और 24 जिन प्रतिमाओं का एक साथ महाअभिषेक, जयकारों से गूंजा पंडाल

महावीर जन्म कल्याणक महोत्सव के दूसरे दिन रविवार को शहर के अग्रवाल उत्सव भवन में आस्था का अनूठा दृश्य देखने को मिला। मुनि अरह सागर, सुहित सागर और विज्ञाश्री माताजी ससंघ के सानिध्य में सहस्त्रनाम महामंडल विधान एवं महाअभिषेक हुआ। पंडाल में बने मुख्य मंच पर जब 24 पांडुशिलाओं पर 24 जिन प्रतिमाओं का 1008 ऋद्धि मंत्रों से अभिषेक हुआ, तो वहां मौजूद हजारों श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और पंडाल जयकारों से गूंज उठा। सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि इस दौरान मुनि अरह सागर व आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। पंडित जय कुमार जैन के निर्देशन में सुबह 8:30 बजे से शुरू हुआ विधान दोपहर एक बजे तक चला। साढे चार घंटे चले अनुष्ठान में सैकड़ों जोड़ों ने बैठकर पुण्यार्जन किया और 1008 अर्घ समर्पित किए। 24 हवन कुंडों में घी व धूप की आहुतियां दी गईं। इंद्र-इंद्राणियों की ओर से मंगल कलश स्थापित किए गए।

बैंड-बाजों के साथ पालकी में पहुंची प्रतिमाएं

उपाध्यक्ष प्रकाश गंगवाल ने बताया कि विधान से पहले सुबह शहर के सभी दिगंबर जैन मंदिरों से जिन प्रतिमाओं को बैंड-बाजों के साथ पालकी में बैठाकर अग्रवाल उत्सव भवन लाया गया। मंत्री नरेश गोधा के अनुसार विधान से पूर्व अंजनादेवी, चंद्रकान्ता, अर्चना, नरेश, सीमा, मुकेश पाटोदी ने ध्वजारोहण किया। तिलोकचंद, सौरभ, सोनल, मिशिका छाबड़ा ने पंडाल का उद्घाटन किया। शाम को महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। इसका शुभारंभ सनत कुमार, विपुल व अतुल पाटनी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

विंटेज कार और बुलेट के साथ निकलेगी शोभायात्रा

चौधरी ने बताया कि सोमवार को जुलूस सुबह सवा आठ बजे निकाला जाएगा। श्रीजी का रथ आमलियों की बारी से रवाना होकर स्वाध्याय भवन पहुंचेगा। वहीं अग्रवाल उत्सव भवन से 24 पालकियों में 24 तीर्थंकरों के साथ विभिन्न झांकियां जुलूस के रूप में रवाना होंगी और स्वाध्याय भवन पहुंचकर मुख्य जुलूस में सम्मिलित हो जाएंगी। जुलूस में महाराज एवं माताजी का सानिध्य मिलेगा। जुलूस के आगे लाइव रंगोली बनाई जाएगी। सात सजे-धजे घोड़े, एक विशाल जैन ध्वज और आठ ढोल शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाएंगे। 16 बुलेट मोटरसाइकिल चालक जैन प्रतीक चिह्न के साथ चलेंगे। पूरे मार्ग में पांच बैंड और ढोल-ताशों की स्वर लहरियां गूंजेंगी। वीतराग महिला मंडल की सदस्याएं 50 फीट लंबा जैन ध्वज लेकर चलेंगी। समाज के वरिष्ठजनों के लिए विंटेज कार की व्यवस्था की है। प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव से लेकर 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर तक 24 पालकियों में विराजमान होकर नगर भ्रमण करेंगे।