
भीलवाड़ा।
स्थाई लोक अदालत ने फैक्ट्री श्रमिक का कैंसर का समय पर इलाज के लिए राशि स्वीकृत नहीं करने पर कर्मचारी राज्य बीमा को सेवा का दोषी मानते हुए साढ़े सात लाख रुपए पीडि़त परिवार को क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए है। अदालत अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा तथा सदस्य वंदना चौखड़ा व प्रहलादराय व्यास ने इस सम्बंध में निर्णय सुनाया।
अधिवक्ता ओमप्रकाश तेली के मार्फत चपरासी कॉलोनी निवासी मुन्नी बेगम ने परिवाद अदालत में दायर किया कि उसका पति सलीम मोहम्मद चित्तौडग़ढ़ रोड स्थित संगम स्पिनर्स में कार्यरत थे। उनका कर्मचारी राज्य बीमा था। सलीम मोहम्मद को ब्लड कैंसर था। इलाज जयपुर में चला और कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सा व्यय से भगवान महावीर कैंसर हॉस्पिटल में रैफर किया।
सलीम की हालत गम्भीर होने और उनके अग्रिम इलाज करने के लिए 15 लाख रुपए का एस्टीमेट कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय तीन मण्डफिया स्टेशन भीलवाड़ा को भेजा गया। लेकिन कर्मचारी राज्य बीमा ने राशि स्वीकृत नहीं की। इससे सलीम का समय पर इलाज नहीं हो सका। इससे सलीम की २७ नवम्बर २०१६ को मौत हो गई। अदालत ने मुन्नी बेगम का परिवाद आंशिक स्वीकार करते हुए कर्मचारी बीमा को साढ़े लाख रुपए परिवादी को अदा करने के आदेश दिए।