भीलवाड़ा

भोजपुरी की झलक, मैथिली और राजस्थानी के मिक्स पर जमकर थिरके लोग

पूर्वांचल जन चेतना समिति की ओर से बुधवार शाम को मानसरोवर झील किनारे सांस्कृतिक व भजन संध्या का आयोजन
2 min read
Bhilwara, Bhilwara news, Organizing cultural evening in bhilwara, Latest news in bhilwara, Bhilwara news in hindi, Latest hindi news in bhilwara
पूर्वांचल जन चेतना समिति की ओर से बुधवार शाम को मानसरोवर झील किनारे सांस्कृतिक व भजन संध्या में प्रस्‍तुति देती कलाकार

भीलवाड़ा।

पूर्वांचल जन चेतना समिति की ओर से बुधवार शाम को मानसरोवर झील किनारे सांस्कृतिक व भजन संध्या का आयोजन किया। इसमें मैथिली गीत, भोजपुरी संगीत तथा राजस्थानी गीतों की अपनी प्रस्तुति देकर समा बांध दिया।

पूर्वांचल जन चेतना समिति के संस्थापक रजनीश वर्मा ने बताया कि बुधवार शाम को 7 बजे मानसरोवर झील के किनारे सांस्कृतिक व भजन संध्या का आयोजन किया। इसमें महुआ चैनल के प्रसिद्ध गायक कलाकार राजेश पांडे ने मैथिली गीत, भोजपुरी संगीत तथा राजस्थानी गीतों की अपनी प्रस्तुति देकर समा बांध दिया। सारेगामापा के गायक कलाकार निरंजन श्रीवास्तव ने 'अन्न-धन्न रिहुल रतनवा ', स्नेह उपाध्याय ने 'केलवा के पात पर ', राधा श्रीवास्तव ने 'कांचही बांध के बाहंगी ' व अंगदराव ओझा ने 'पूर्वांचल को पूरा सिंगापुर बनाई दे ' जैसे भोजपुरी गीतों की प्रस्तुति देकर रंगीन शाम में और चार चांद लगा दिए। इसी तरह वाटर वक्र्स समिति के दिनेश कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम को लेबर कॉलोनी के श्रमिक केंद्र मैदान में भी भजन संध्या तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा।

अस्ताचलगामी सूर्य को अ‌घ्र्य देंगे, खरना संपन्न

पूर्वांचल के लोगों की लोक आस्था के महापर्व छठ के उपलक्ष में गुरूवार को सभी पवित्र झील व तालाबों के साथ घरों व मोहल्लों में विशेष रूप से तैयार जलकुंड में षष्ठी तिथि पर अस्ताचलगामी सूर्य को अध्र्य अर्पित करने के साथ ही लोकपर्व छठ का मुख्य अनुष्ठान शुरू होगा। शहर में मानसरोवर झील, बापू नगर वाटर वक्र्स, धांधोलाई व हरणी तालाब के घाट पर संध्याकालीन व प्रात: कालीन अध्र्य के लिए आने वाले सैंकड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए है। शुक्रवार को उदीयमान सूर्य को अ‌घ्र्य देने के साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व का समापन हो जाएगा।

खरना पर बंटा खीर का प्रसाद

न्यू पटेलनगर समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश ने बताया कि खरना पर व्रतियों ने बुधवार को पूरे दिन उपवास रखा। शाम को गुड़ वाली खीर तथा रोटी का प्रसाद बंटा। सैकडों व्रतियों ने घरों पर खरना का प्रसाद तैयार किया। इस दौरान मोहल्ले के लोग व सगे-संबंधी जुटे रहे। गीत गूंजे 'सेईं ले चरण तोहार ऐ छठी मइया, सुनी लेहु अरज हमार...। ' पूजा के बाद व्रतियों ने प्रसाद के रूप में रोटी एवं खीर ग्रहण की। छठ व्रतियों को प्रसाद ग्रहण करने के बाद परिवार के अन्य लोगों ने भी प्रसाद लिया। छठ व्रतियों ने खरना कर निर्जला उपवास शुरू किया।

Published on:
25 Oct 2017 11:12 pm