भीलवाड़ा

राजस्थान की अस्मिता से जुड़ा है पद्मिनी का गौरव, संगठनों ने चेताया

फिल्म पद्मावती के खिलाफ भीलवाड़ा में लगातार विरोध बढ़ता जा रहा है
2 min read
• •
Updated: 16 Nov 2017, 10:01 PM IST
Bhilwara, bhilwara news, Padmawati controversy in rajasthan, Latest news in bhilwara, bhilwara news in hindi, Latest hindi news in bhilwara
फ़िल्म पदमावती के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग को लेकर विभिन्न हिन्दू संगठनों की ओर से सुबह करेड़़ा बस स्टेण्ड से मुख्य मार्गो से जुलूस निकाला गया।

भीलवाड़ा।

फिल्म निर्माता निदेशक संजय लीला भंसाली की एक दिसम्बर को रिलीज होने वाली फिल्म पद्मावती के खिलाफ भीलवाड़ा में लगातार विरोध बढ़ता जा रहा है। करणी सेना एवं राजपूत समाज के विरोध प्रदर्शन के बाद विभिन्न संगठन विरोध में उतर आए है। गुरुवार को जहाजपुर विधायक धीरज गुर्जर, मेवाड़ क्षत्रीय महासभा के जिलाध्यक्ष पूर्व विधायक प्रदीप कुमार सिंह, करणी सेना के प्रदेश महासचिव विश्वबंधु सिंह राठौड़, राजपूत विकास परिषद के जिला महामंत्री अधिवक्ता उम्मेदसिंह राठौड़, साहू महासभा प्रदेश अध्यक्ष लादूलाल तेली समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार को चेताया है।

करणी सेना के प्रदेश महासचिव विश्वबंधु सिंह राठौड़ ने कहा कि जयगढ़ में 27 जनवरी को फिल्म की शूटिंग के दौरान करणी सेना अपने विरोध आंदोलन का आगाज कर चुकी है। ये समूचा मामला राजस्थान की अस्मिता से जुड़ा हुआ है। इस विरोध में राजपूत समाज ही नहीं 36 कौम जुड़ी हुई। कुम्भा ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं राजपूत विकास परिषद जिला महामंत्री अधिवक्ता उम्मेदसिंह राठौड़ ने चेतावनी दी कि वीरांगना पद्मिनी के गौरवमय इतिहास की रक्षा के लिए हिन्दू वर्ग एक जुटे है और इस विवादित फिल्म को जल्द बैन करने की कोशिश नहीं की गई तो इसका अंजाम निर्माता निदेशक के साथ अन्य को भी भुगतना पड़ेगा।

विधायक गुर्जर की राष्ट्रपति से गुहार

जहाजपुर विधायक धीरज गुजर ने संजय लीला भंसाली की फि ल्म के प्रसारण से पहले इस फिल्म की पुन: समीक्षा करते करने और इसके प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है। गुर्जर ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्य सरकार को इस आशय के ज्ञापन भिजवाए।


मेवाड़ क्षत्रीय महासभा का विरोध प्रदर्शन 22 को

बरून्दनी. मेवाड़ क्षत्रीय महासभा के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह ने मेवाड़ के स्वर्णिम इतिहास, महारानियों के जौहर तथा भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं के विरुद्ध एेतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़कर दर्शाया गया है। पद्मावती फिल्म के विरोध में जिला कलक्ट्रेट पर 22 नवम्बर बुधवार को विरोध प्रदर्शन होगा। इसमें मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के साथ सर्व समाज, सर्वधर्म, सर्वजन, सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

कोर्ट आज करेगी सुनवाई
इधर, निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली सहित सात अन्य फि ल्मी कलाकारों के खिलाफ फिल्म में इतिहास को तोड़ मरोड़ कर प्रसारित करने के मामले को लेकर बुधवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट (पश्चिम) की अदालत में सुनवाई होगी। ये परिवाद अधिवक्ता लादूलाल तेली आदि की तरफ से बुधवार को पेश किया गया था।


वरिष्ठ मंच का विरोध

वरिष्ठ नागरिक मंच अध्यक्ष बीएल माहेश्वरी की अध्यक्षता में मंच की संपन्न बैठक में सदस्यों ने फिल्म पर रोक लगाने की मांग की। महासचिव मदन खटोड़ ने बताया कि बैठक में कई अन्य निर्णय हुए। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की जिला इकाई के सदस्य शुक्रवार को चित्तौडग़ढ़ में बंद के समर्थन में पहुंचेंगे।

पद्मावती फिल्म प्रदर्शन के विरोध में किया प्रदर्शन
फ़िल्म पदमावती के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग को लेकर विभिन्न हिन्दू संगठनों की ओर से सुबह करेड़़ा बस स्टेण्ड से मुख्य मार्गो से जुलूस निकाला गया। बस स्टैंड पर मानव श्रखला बना फ़िल्म निर्माता संजय लीला भंसाली का पुतला फूंका गया। बाद में उपखण्ड अधिकारी राजनी माधीवाल को ज्ञापन सौपा गया। इस मौके पर विभिन्न संगठनों के लोग मौजूद रहे।

Published on:
Also Read
View All