छात्रा के आत्महत्या के मामले को परिजनों ने बताया हत्या
भीलवाड़ा।
शहर के आजादनगर में पंखे पर झूलकर आत्महत्या करने वाली छात्रा के मामले को हत्या बताते हुए परिजनों ने मंगलवार को प्रतापनगर थाने के बाहर हंगामा कर दिया। शरीर पर चोट के निशान बताते हुए लोगों ने हत्या में मामला दर्ज करने और कार्रवाई को लेकर एक घण्टे प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित हुए लोगों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की कर दी। इससे भीड़ को खदेडऩे के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ी। इससे कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया। पुलिस अधिकारियों की निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार करने पर राजी हुए।
पुलिस उपाधीक्षक राजेन्द्र त्यागी के अनुसार आजादनगर निवासी जानकीलाल जायसवाल की 17 वर्षीय पुत्री कक्षा बारहवी की छात्रा मेघना सोमवार दोपहर घर में पंखे पर झूलती मिली। परिजन फंदे से उतार कर महात्मा गांधी अस्पताल ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। इस बीच सुबह साढ़े नौ बजे शव को एम्बुलेंस में डालकर थाने के बाहर पहुंच गए। परिजनों के साथ बड़ी संख्या में लोग साथ आए। परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतका के गर्दन, पीठ और गले पर चोट के निशान है। मेघना ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी किसी ने हत्या की। इस पर हत्या का मामला दर्ज करने और किशोरी की मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर जांच की मांग करने लगे। आक्रोशित हुए लोग थाने में घुस गए और हंगामा कर दिया। इस पर थानाप्रभारी नवनीत व्यास ने समझाइश के प्रयास किए।
इसलिए बढ़ गया मामला
पुलिसकर्मियों के समझाइश के बावजूद लोग शांत नहीं हुए। कुछ आक्रोशित युवकों ने पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की शुरू कर दी। इससे मामला और बिगड़ गया। पुलिस को आखिरकार भीड़ को खदेडऩे के लिए लाठियां फटकारनी पड़ी। इससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। एक युवक को हिरासत में भी लिया गया। उसके बाद भीड़ तिरत- बितर हो गई। डीएसपी त्यागी भी वहां पहुंच गए। उन्होंने परिजनों से बात की। निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन वहां से रवाना हुए और अंतिम संस्कार किया गया।