जिले में गुरुवार मध्य रात्रि में मांडलगढ़ के सारण का खेड़ा में जहरीली शराब का कहर टूटा। यहां जहरीली शराब सेवन से एक महिला समेत चार जनों की मौत हो गई, वही पांच में से दो की हालत चिंताजनक है। जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते एवं पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा शुक्रवार तड़के भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती प्रभावितों से मिलने के बाद सुबह सारण का खेड़ा पहुंचे और घटना की जानकारी ली
भीलवाड़ा। जिले में गुरुवार मध्य रात्रि में मांडलगढ़ के सारण का खेड़ा में जहरीली शराब का कहर टूटा। यहां जहरीली शराब सेवन से एक महिला समेत चार जनों की मौत हो गई, वही पांच में से दो की हालत चिंताजनक है। जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते एवं पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा शुक्रवार तड़के भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती प्रभावितों से मिलने के बाद सुबह सारण का खेड़ा पहुंचे और घटना की जानकारी ली, वही आबकारी अधिकारियों का जमावड़ा सारण का खेड़ा में लगा हुआ है। आबकारी टीमों ने क्षेत्र की शराब की दुकानें सील कर दी और हथकढ़ शराब के ठिकानों पर छापे मारे।
मांडलगढ़- काछोला थाना क्षेत्र की सरहद स्थित सारण का खेड़ा में गुरुवार रात एक हथकढ़ शराब की तस्करी में लिप्त व्यक्ति के ठिकाने पर कुछ लोगों ने हथकढ़ शराब खरीद कर की। शराब सेवन के कुछ देर के बाद एक एक करके लोगों की हालत बिगडऩे लगी। कईयों की घर पर तबीयन बिगड़ी। परिजन अचेत अवस्था में प्रभावितों को लेकर मांडलगढ़ पहुंचे। यहां दो जनों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। यहां से शेष सात प्रभावितों को मांडलगढ़ चिकित्सालय से भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में देर रात दो बजे भर्ती कराया गया। यहां सारण का खेड़ा निवासी दलेल सिंह व सरदार भाट ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जहरीले शराब की घटना से चार जनों की मौत से पुलिस, प्रशासन व आबकारी महकमे में खलबली मच गई।
जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते एवं पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा गुरुवार मध्यरात्रि बाद एमजीएच होस्पिटल पहुंचे और घायलों की चिकित्सा व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद सुबह सारण का खेड़ा पहुंचे। दूसरी तरफ मांडलगढ़ आबकारी निरीक्षण विकास कुमार ने सारण का खेड़ा के निकट शराब के ठेकों को सीलबंद किया है साथ ही सैंपल लिए हैं एवं अग्रिम कार्रवाई जारी है।
जिले में जहरीले शराब से मौत की यह दो दशक में दूसरी बड़ी घटना है। इससे पूर्व वर्ष ५ मई २००४ में गुलाबपुरा के कवंलियास मेंं सात जनों की मौत हुई थी। यह अवैध शराब चुनाव के दौरान मतदाताओं को रिझाने के लिए लोकसभा चुनाव के दौरान बांटी गई थी। इसी प्रकार वर्ष २००८ में मांडल थाना क्षेत्र के अमरगढ़ व आसपास के गांवों में चार जनों की मौत हुई थी।