भीलवाड़ा

लापरवाह रही पुलिस : परिजन थाने गए तो टरका दिया, जलती भट्टी देख घूमी परिजनों की शक की सुई

- तीन घंटे तक हंगामा, गांव में शोक की लहर, परिजनों में कोहराम, -जो काम पुलिस को करना था, परिजनों ने कर दिखाया, शव तलाशने से लेकर आरोपी तक पकड़े

2 min read
लापरवाह रही पुलिस : परिजन थाने गए तो टरका दिया, जलती भट्टी देख घूमी परिजनों की शक की सुई
लापरवाह रही पुलिस : परिजन थाने गए तो टरका दिया, जलती भट्टी देख घूमी परिजनों की शक की सुई

कोटड़ी /भीलवाड़ा

किशोरी से गैंगरेप के बाद हत्याकर शव को कोयले की भट्टी में झोंक देने के मामले में भीलवाड़ा पुलिस की लापरवाही सामने आई है। तलाश करने के बाद भी किशोरी नहीं मिलने पर बुधवार रात परिजन रिपोर्ट लेकर कोटड़ी थाना गए थे। लेकिन पुलिस ने परिजन के दर्द को हल्के में लिया और किशोरी की तलाशना तो दूर उन्हें थाने से टरका दिया। नतीजा यह रहा कि आरोपियों को किशोरी का शव जलाने का पूरा मौका मिला। पुलिस की ओर से समय पर तलाश की जाती तो सम्भवतया किशोरी का शव तो बरामद किया ही जा सकता था। आरोपियों ने किशोरी की जान तो दोपहर बाद ही ले ली थी, शव को डेरे में छिपा दिया था और शव को कोयले की भट्टी में जलाने के लिए रात होने का इंतजार किया। परिजन थाने से लौट रहे थे तो उनको जलती भट्टी नजर आई। जबकि थाने जाते समय भट्टी नहीं जल रही थी। बारिश के मौसम में भट्टी जलती देखकर परिजनों की शंका की सुई घूमी।

जो काम पुलिस को करना था, परिजनों ने कर दिखाया, शव तलाशने से लेकर आरोपी तक पकड़े-

पुलिस को किशोरी को तलाशना था। लेकिन पुलिस का काम परिजनों ने कर दिखाया। ज्योहीं वह भट्टी के पास गए तो उसमें से मानव के जलने जैसी दुर्गंध आई। किशोरी के चचेरे भाई ने भट्टी की राख को लकड़ी से खंगाला। लकड़ी में एक कड़ा फंसा मिला। कड़ा बाहर आते ही परिजनों ने पहचान लिया। इसी कड़े को किशोरी ने पहन रखा था। पास ही उसका जूता भी मिल गया। ग्रामीणों ने भट्टी को बुझाया। इस दौरान डेरों में मौजूद चार जनों को भी परिजनों और उनके साथ आए ग्रामीणों ने दबोच कर बैठा लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आसपास के इलाके में तलाशी ली तो वहां खून से सना शर्ट मिला। पकड़े गए संदिग्धों को पुलिस ने थाने पहुंचाया।

कलक्टर और एसपी को बुलाने की मांग, जमीन पर बैठकर समझाइश-

बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगे। कोटड़ी पुलिस की कार्यप्रणाली पर आक्रोश था। थानाप्रभारी खींवराज गुर्जर को निलंबित करने और स्टॉफ को लाइन हाजिर करने की भी मांग रखी। कलक्टर और पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग थी। कलक्टर मोदी और एसपी सिधू मौके पर पहुंचे। कलक्टर ने ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर जमीन पर बैठकर समझाइश की। मांगों पर सहमति के बाद लोग शांत हुए। इस दौरान पांच थानों के जाप्ते के साथ पुलिस व प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।

पांच भाई-बहनों में तीसरे नम्बर पर-

मृतका के तीन बहनें और दो भाई है। उनमें तीसरे नम्बर की किशोरी है। गांव में मातम पसरा हुआ था। जनप्रतिनिधि और अधिकारियों का आना रात तक जारी रहा। सन्नाटे को लग्जरी गाडि़यों की आवाज चीर रही थी। घटना से गांव में शोक की लहर थी। प्रशासन ने जंगल में बनी सभी भटिटयों को दोपहर में जेसीबी की सहायता से ध्वस्त कर दिया। डेरों में रह रहे लोगों के झोपड़ों को भी नेस्तनाबूद किया। भट्टी में मिले अवशेषों का डीएनए सैंपल लिया गया है। इन सैंपल को परिजनों के डीएनए से मिलान करते हुए जांच के लिए भेजा गया है।

Updated on:
04 Aug 2023 12:51 am
Published on:
04 Aug 2023 10:38 am