राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक स्कूल की तीसरी मंजिल पर हुए जोरदार धमाके से इलाका दहल गया। धमाका इतना तेज था कि आवाज करीब एक किमी दूर तक सुनी गई।
भीलवाड़ा। शहर के आर्य समाज रोड पर शनिवार तड़के स्कूल की तीसरी मंजिल पर धमाके के साथ कमरे की दीवार ढह गई। धमाके की आवाज एक किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इससे इलाके में रह रहे लोग दहशत में आ गए। कमरे की दो दीवार का हिस्सा भरभरा कर गिरा। इससे कमरे में रखे घरेलू सामान को काफी नुकसान पहुंचा।
हादसे के वक्त कमरे में दम्पती और उनके दो बच्चे गहरी नींद में थे। अचानक हुए तेज धमाके से कमरे में धूल का गुबार छा गया और घर का सारा सामान मलबे में तब्दील हो गया। बच्चों का प्राथमिक उपचार कराया गया। कोतवाली पुलिस और एफएसएल टीम मौके पर पहुंची। धमाके के कारणों का पता नहीं चला है। घटना में परिवार बाल-बाल बचा।
जानकारी के अनुसार आर्य समाज रोड पर आर्य बाल विद्या मंदिर स्कूल की तीसरी मंजिल पर प्रधानाचार्य बालमुकुंद डीडवानिया परिवार समेत रह रहे थे। अलसुबह सवा चार बजे कमरे की दो दीवारों का हिस्सा धमाके के साथ गिर गया। इससे नींद में परिवार धमाके की आवाज से सहम गया। धमाके की आवाज इलाके में काफी दूर तक सुनाई दी।
धमाके के साथ दीवार गिरने से कमरे में मलबा फैल गया। मलबा दूर तक गिरा। घर में रखी अलमारी दीवार पर लगे टीवी पर जा गिरी। धमाका सुनकर वहां आसपास के लोग घरों से बाहर निकले और घटनास्थल पर पहुंचे। कोतवाली पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। एफएसएल टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए, ताकि धमाके के कारणों का पता लग सके। मलबे में दबने से घायल बेटियों को महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
प्राधानाचार्य बालमुकुंद का कहना था कि धमाके का कारण सिलेंडर में गैस रिसाव रहा है। लीकेज होने के कारण गैस कमरे में भरती रही। इससे धमाका हुआ और दीवार गिरी। लोगों का कहना था कि स्कूल परिसर में गैस सिलेंडर नहीं होना चाहिए था। गनीमत रही कि कमरे की दो दीवारों का हिस्सा गिरा, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने सिलेंडर की जांच की तो रिसाव जैसा कुछ नहीं मिला। इससे धमाके के स्पष्ट कारण सामने नहीं आए हैं।