अन्य खनिजों की आड़ में हो रहा था गारनेट का काला खेल, पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाने की तैयारी, नगपपालिका से मांगी रिपोर्ट
राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने जिले के बीगोद क्षेत्र में पर्यावरण नियमों को ताक पर रखकर चलाई जा रही गारनेट की अवैध फैक्ट्रियों पर बड़ी कार्रवाई की है। मंडल की टीम ने औचक कार्रवाई करते हुए बिना अनुमति के धड़ल्ले से संचालित पांच गारनेट इकाइयों को तुरंत प्रभाव से बंद करवाने के लिए नोटिस जारी किए हैं। क्षेत्रीय अधिकारी दीपक धनेटवाल ने बताया कि विभाग को बीगोद क्षेत्र में अवैध गारनेट फैक्ट्रियों के संचालन की शिकायत मिली थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम को मौके पर भेजा गया। जांच के दौरान वहां पांच इकाइयां चालू हालत में मिलीं। जब टीम ने इनसे प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संचालन अनुमति के दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी वैध कागजात पेश नहीं कर सके। प्रदूषण विभाग की जांच में सामने आया कि इकाई संचालकों की ओर से विभाग की आंखों में धूल झोंकी जा रही थी। इकाइयों ने किसी अन्य श्रेणी या मिनरल (खनिज) के नाम पर अनुमति ले रखी थी, लेकिन मौके पर अवैध रूप से गारनेट का काम किया जा रहा था।
अल फलाह मिनरल कॉर्पोरेशन इकाई ने ग्रीन कैटेगरी के तहत बायोमास ब्रिकेट्स के लिए अनुमति ले रखी थी, लेकिन मौके पर गारनेट की प्रोसेसिंग की जा रही थी। पटेल एंटरप्राइजेज इसके पास केवल सैंडसॉर्टिंग और वॉशिंग के लिए स्थापना की अनुमति (सीटीई) थी, लेकिन बिना संचालन अनुमति के फैक्ट्री चलाई जा रही थी। इसके अलावा चौधरियास रोड स्थित बनास ग्लोबल मिनकेम, इंडियन पेट्रोल पंप के पीछे बनास मिनरल्स तथा मोजेश्वर महादेव रोड स्थित अपेक्स मिनरल के खिलाफ प्रदूषण नियंत्रण मंडल की टीम ने अवैध मानते हुए बंद करवाने के लिए नोटिस जारी किए है। जवाब न मिलने पर इन पांचों को बंद करवा दिया जाएगा।
धनेटवाल ने बताया कि इन सभी अवैध इकाइयों को क्लोजर (बंद करने) का कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही इन पर भारी पर्यावरण क्षतिपूर्ति का जुर्माना लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा विभाग ने बीगोद नगर पालिका को भी एक पत्र लिखकर निर्देशित किया है कि वह अपने क्षेत्र में चल रही ऐसी अन्य सभी अवैध इकाइयों को तुरंत चिन्हित करे, ताकि उन पर भी कार्रवाई अमल में लाई जा सके।