
भीलवाड़ा।
महात्मा गांधी चिकित्सालय परिसर में सीएमएचओ ऑफिस के निकट जीएनएम विद्यार्थियों का छात्रावास तैयार हो गया है। इसकी लागत साढे तीन करोड़ है। प्रमुख चिकित्साधिकारी की ओर से गठित टीम ने इसका निरीक्षण करने के बाद गुरुवार शाम रिपोर्ट सौंपकर इसे संचालन के लिए उपयुक्त बता दिया।अब इसे शुरू करने के लिए नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र के प्रिंसिपल को निदेशालय से आने वाली गाइड लाइन का इंतजार है। हालांकि अभी फर्नीचर का काम बाकी है।
इसके अलावा वार्डन, कुक और सफाईकर्मियों की तैनाती भी नहीं हुई है। एेसे में फिलहाल इसके समय पर शुरू होने में समय लग सकता है। राजकीय नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र में पहली बार बनाए गए इस छात्रावास में 40 छात्र व 140 छात्राओं के रहने की व्यवस्था है। नेशनल हेल्थ मिशन ने छात्रावास के लिए जुलाई 2014 में वर्क आर्डर जारी कर दिया था।
इसके बाद 2 साल बाद 2016 में बिल्डिंग तैयार हो गई। लेकिन कुछ छिटपुट काम अभी एक महीने पहले ही पूरे किए गए है। बीच में लम्बे समय तक कोई काम नहीं होने से छात्रावास पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया।
शुरू होने में लग सकता है समय
छात्रावास का संचालन शुरू करने के लिए अभी फर्नीचर नहीं पहुंचा है। एेसे में गाइड लाइन आने से पहले अगर फर्नीचर पूरा नहीं पहुंचा तो ही इस साल भी इसे शुरू नहीं किया जा सकेगा। छात्रावास के संचालन के लिए वार्डन, कुक, सफाईकर्मी की भर्ती की प्रक्रिया भी अभी तक शुरू नहीं हुई है।
लोकार्पण के लिए देंगे जिला प्रशासन को सूचना
बिल्डिंग पूरी तरह तैयार है। एनएचएम द्वारा हैंडओवर करने के बाद इसका अस्पताल की टीम ने तीन बार निरीक्षण कर लिया।टीम ने गुरुवार शाम इसे चालू करने की स्वीकृति दे दी है। अब फर्नीचर सेट होने व गाइड लाने के बाद इसे शुरू कर दिया जाएगा। इसके लोकार्पण के लिए प्रशासन को भी सूचना दी जाएगी।
डॉ. एसपी आगीवाल, पीएमओ, महात्मा गांधी चिकित्सालय, भीलवाड़ा
गाइडलाइन आते ही कर देंगे शुरू
छात्रावास को शुरू करने के लिए निदेशालय से गाइडलाइन आने का इंतजार है। नई गाइड लाइन आ जाएगी तो ठीक है नहीं तो दूसरे स्थानों पर चल रहे छात्रावासों से गाइड लाइन लेकर इसे चालू करवाएंगे।
लोकेश शर्मा, कार्यवाहक प्रिंसिपल, नर्सिंग प्रशिक्षण केन्द्र, भीलवाड़ा