भीलवाड़ा

भीलवाड़ा के हमीरगढ़ मार्ग पर बने रेलवे फ्रेट टर्मिनल

भीलवाड़ा. केंद्र सरकार एक फरवरी को आम बजट एक फरवरी को आएगा। केंद्रीय बजट को लेकर टेक्सटाइल उद्यमियों को काफी उम्मीदें हैं। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार कुछ घोषणाएं कर सकती है।
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Updated: 31 Jan 2023, 9:26 AM IST
भीलवाड़ा के हमीरगढ़ मार्ग पर बने रेलवे फ्रेट टर्मिनल
भीलवाड़ा के हमीरगढ़ मार्ग पर बने रेलवे फ्रेट टर्मिनल

भीलवाड़ा. केंद्र सरकार एक फरवरी को आम बजट एक फरवरी को आएगा। केंद्रीय बजट को लेकर टेक्सटाइल उद्यमियों को काफी उम्मीदें हैं। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार कुछ घोषणाएं कर सकती है।


मेवाड़ चैम्बर के महासचिव आरके जैन ने बताया कि जिले में रेलवे फ्रेट टर्मिनल की महत्ती आवश्यकता है। यह भीलवाड़ा को मिले तो यहां से निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। इसकी मांग पिछले कई समय से औद्योगिक संगठन कर रहे हैं। अभी तक माल का निर्यात सड़क मार्ग से किया जा रहा है। इससे माल की लागत भी बढ़ रही है। उद्यमियों ने मांग की है कि मंडपिया रेलवे स्टेशन पर कोयले की रैक आना बंद हो गई है। एक साल से यह स्टेशन खाली पड़ा है। ऐसे में सरकार यहां रेलवे टर्नमिल घोषित करती है तो भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग के साथ अन्य उद्योगों को भी फायदा होगा। जैन ने बताया कि सैंडस्टोन व टेक्सटाइल के लगभग 1500 कंटेनर हर माह निर्यात होते हैं। जो रेलवे फ्रेट टर्नमिल बनने से इनकी संख्या बढ़कर 2500 हो सकती है। सड़क मार्ग से भेजने के लिए कंटेनर मुंद्रा पोर्ट 958 किमी, पीपाव पोर्ट 982 किमी तथा जेएनपीटी/मुंबई 956 किमी दूर भेजना पड़ता है। इससे किराया भी अधिक लगता है।

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किशनगढ़ एयरपोर्ट से विमान का हो संचालन

किशनगढ़ एयरपोर्ट से वर्तमान में एक-दिन छोड़ एक दिन विमान सेवा है। पहले प्रतिदिन 6 विमान यहां से उडान भरते थे। इसे नियमित संचालन की सुविधा मिले।

टेक्सटाइल बढ़ावे के लिए नई योजना लागू हो

देश से टफ योजना के बंद होने के बाद से कोई नई योजना लागू नहीं हुई है। उद्यमी चाहते हैं कि टेक्सटाइल उद्यमी के लिए टीटीडीएस या पीएलआई स्कीम में से कोई भी योजना लागू हो। योजना लागू होने पर कम से कम 10 हजार करोड़ का नया निवेश आने की संभावना है।
रेडिमेड गारमेन्ट क्लस्टर बने
भीलवाड़ा जिले में टेक्सटाइल क्षेत्र में सभी सुविधा है, लेकिन जमीन की कीमते अधिक होने से रेडिमेड गारमेन्ट को बढ़ावा नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार मल्टी स्टोरी फैक्ट्री की घोषणा करने के साथ ही जमीन की उपलब्धता कराए। ट्रेनिंग सेन्टर बने। कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा हो तो रेडिमेड गारमेन्ट क्लस्टर बन सकता है।

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