18 हजार स्कूलों के लिए कम्पोजिट ग्रांट जारी, भीलवाड़ा-ब्यावर के 660 स्कूलों को मिले 4.31 करोड़
प्रदेश के 18,799 सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों के लिए अटकी कम्पोजिट स्कूल ग्रांट आखिरकार जारी हो गई है। शिक्षा मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद राजस्थान शिक्षा परिषद जयपुर ने शुक्रवार दोपहर को 113 करोड़ रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी। बजट मिलते ही समग्र शिक्षा विभाग ने तुरंत प्रभाव से यह राशि प्रदेश के सभी मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को ट्रांसफर कर दी है। इसके साथ ही सभी विद्यालयों में पिछले एक साल में खर्च की गई राशि का समायोजन युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है।
राजस्थान पत्रिका ने शुक्रवार के ही अंक में " वित्तीय स्वीकृति अटकी: 18 हजार स्कूलों के 113 करोड़ रुपए फंसे, 31 मार्च तक करना है खर्च" शीर्षक से समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। 31 मार्च को वित्तीय वर्ष समाप्त होने के कारण यह राशि लैप्स होने का खतरा मंडरा रहा था। स्कूल शिक्षा परिषद के परियोजना निदेशक महेन्द्र खींची ने गुरुवार को पत्रिका को आश्वस्त किया था कि केंद्र से बजट मिल गया है और जल्द जारी होगा। पत्रिका में खबर छपने के चंद घंटों बाद ही शुक्रवार दोपहर को यह भारी-भरकम बजट स्कूलों के खातों तक पहुंचने का रास्ता साफ़ हो गया।
समग्र शिक्षा अभियान (समसा) भीलवाड़ा की अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक की ओर से जारी आदेश के अनुसार भीलवाड़ा और ब्यावर जिले के 660 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों (पीएमश्री स्कूलों को छोड़कर) के लिए कुल 4 करोड़ 31 लाख 70 हजार रुपए का बजट जारी किया गया है। यह राशि यू-डाइस 2023-24 के नामांकन के आधार पर सत्र 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना के तहत किए गए खर्च के बिल को भरपाई की जानी है।
कम्पोजिट ग्रांट की राशि विद्यालय में दर्ज विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर तय की गई है। इसमें स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए 10 प्रतिशत राशि खर्च करना अनिवार्य किया गया है।