भीलवाड़ा

IPS Madhav Upadhyay: कौन हैं IPS माधव उपाध्याय, जिन पर लग रहे ‘माफिया’ से अवैध वसूली के आरोप? भजनलाल सरकार ने लिया एक्शन

IPS Madhav Upadhyay: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से खाकी को दागदार करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश की भजनलाल सरकार ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए एक युवा आईपीएस अधिकारी माधव उपाध्याय पर कड़ा एक्शन लिया है।

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IPS MADHAV UPADHYAY

IPS Madhav Upadhyay: राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में गारनेट माफिया और पुलिस के कथित गठजोड़ ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलवाड़ा सदर में तैनात 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी माधव उपाध्याय की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद राज्य सरकार ने सोमवार को उन्हें तत्काल प्रभाव से 'एपीओ' (Awaiting Posting Order) कर दिया है। संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह द्वारा जारी आदेशों के बाद अब इस पूरे प्रकरण की सतर्कता जांच अजमेर जीआरपी एसपी नरेंद्र सिंह को सौंपी गई है।

आइपीएस माधव के एपीओ आदेश

क्या है पूरा मामला?

भीलवाड़ा के कोटड़ी क्षेत्र में गारनेट (एक बेशकीमती पत्थर) के अवैध खनन और परिवहन को संरक्षण देने के बदले कारोबारियों से मोटी रकम वसूलने का खेल चल रहा था। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ में आईपीएस माधव उपाध्याय का नाम उछला।

  • पत्रिका की सक्रियता: इस पूरे मामले को 'राजस्थान पत्रिका' ने प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
  • चार आरोपी रिमांड पर: गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।

विधायक गोपीचंद मीणा की भूमिका पर उठे सवाल

जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा

इस प्रकरण में राजनीतिक तड़का तब लगा जब गिरफ्तार आरोपियों में से एक अजय पांचाल का संबंध जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा से निकला।

  • मुलाकात का आरोप: चर्चा है कि विधायक गोपीचंद मीणा ने ही अजय पांचाल की मुलाकात पुलिस अधिकारियों से करवाई थी।
  • जांच के घेरे में: आरोपी पांचाल की गिरफ्तारी के बाद अब विधायक की भूमिका की भी सूक्ष्मता से जांच की जा रही है कि क्या सत्ता और माफिया के बीच कोई गहरा लिंक है।

कौन हैं IPS माधव उपाध्याय? (Profile & Career)

आइपीएस माधव - File Pic

माधव उपाध्याय राजस्थान कैडर के एक होनहार युवा अधिकारी माने जाते थे, लेकिन इस विवाद ने उनके करियर पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

  • मूल निवास: माधव मूल रूप से भरतपुर के रहने वाले हैं (हालांकि रिकॉर्ड में होम टाउन जयपुर भी अंकित है)। उनका बचपन भरतपुर में नाना नत्थीलाल शर्मा के पास बीता।
  • शिक्षा: उन्होंने MNIT जयपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (2016-20) की डिग्री ली है।
  • UPSC का सफर: माधव ने अपने तीसरे प्रयास में UPSC 2022 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 148 हासिल की थी। उन्होंने 'जियोलॉजी' विषय के साथ अंग्रेजी माध्यम में परीक्षा दी थी।
  • करियर ग्राफ: अगस्त 2025 में उनकी पहली पोस्टिंग भीलवाड़ा में एएसपी (सदर) के रूप में हुई थी।

'खाकी' पर डगमगाता भरोसा: क्या एपीओ पर्याप्त है?

भीलवाड़ा के इस प्रकरण ने रक्षकों के भक्षक बनने की कहानी को फिर से दोहराया है। जानकारों का मानना है कि केवल एपीओ करना कोई सजा नहीं है। यदि अपराध साबित होता है, तो अधिकारी पर कठोर आपराधिक कार्रवाई होनी चाहिए। सिस्टम के भीतर पनप रहे इस माफिया-पुलिस-सत्ता के गठजोड़ को तोड़ना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है।

अब आगे क्या? सतर्कता जांच पर टिकी नजरें

वर्तमान में माधव उपाध्याय को पुलिस मुख्यालय (PHQ) जयपुर में रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। अजमेर जीआरपी एसपी नरेंद्र सिंह की अगुवाई में विजिलेंस टीम अब यह पता लगाएगी कि वसूली गई रकम का कितना हिस्सा और किन-किन माध्यमों से अधिकारियों तक पहुँच रहा था। रिमांड पर लिए गए चार आरोपियों से पूछताछ में कई और बड़े नाम सामने आने की संभावना है।

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Updated on:
07 Apr 2026 11:18 am
Published on:
07 Apr 2026 10:58 am
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