- कोठारी नदी को प्रदूषित करने का मामला- एनजीटी के आदेशों की अफसर नहीं करवा पा रहे पालना
भीलवाड़ा. नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के निर्देश पर अब तक तीन बार लगाए जुर्माना राशि को राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरपीसीबी) के अफसर वसूल नहीं कर पाए है। यहीं वजह है कि एनजीटी के आदेशों की पालना आरपीसीबी नहीं करवा पा रहा। इससे नगर परिषद अधिकारियों का कोठारी नदी को प्रदूषित होने से बचाने के प्रति लापरवाह रवैया है।
हालांकि इस मामले को लेकर पहले से एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद अधिकारी लापरवाही बरतने बाज नहीं आ रहे। कोठारी नदी के मामले में एनजीटी ने पहली बार अप्रेल-2019 में नगर परिषद पर 63.80 लाख का जुर्माना लगाया। उसके बाद वर्ष-2021 में 2.40 करोड़ तथा 2022 में 111 करोड़ 45 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। यह जुर्माना आरपीसीबी ने लगाया था। इसमें यह आदेश भी था कि राशि जमा न कराने परे न्यायालय में आपराधिक मामला चलाया जाएगा। इसके तहत आरपीसीबी ने सिविल न्यायालय में एक वाद भी दायर कर रखा है।
नहीं सुधर पा रही स्थिति
नगर परिषद सीमा क्षेत्र से निकल रही कोठारी नदी में शहर का कचरा, मकान निर्माण से निकला मलबा व आसपास की कॉलोनियों का गंदा पानी जा रहा है। इसके अलावा नदी में जगह-जगह अतिक्रमण है। नदी में दूषित पानी छोडऩे को लेकर एनजीटी में मामला चल रहा है। मामले की सुनवाई के बाद मंडल को नगर परिषद पर जुर्माना वसूल करने तथा परिषद से बैंक गारंटी लेने के आदेश दिए थे। लेकिन मंडल इसकी पालना नहीं करके दोस्ती निभा रहा है।
9 सदस्यीय टीम करेगी कोठारी नदी का दौरा
एनजीटी से मिले निर्देश के बाद स्वायत्त शासन विभाग ने 9 सदस्यों की एक टीम का गठन किया। टीम कोठारी नदी में जा रहे अपशिष्ट जल को रोकने के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करेगी। सीवरेज योजना के तहत घर-घर जोड़े जा रहे कनेक्शन को किस तरह जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। इस कार्य को अविलम्ब पूर्ण करने के लिए कार्य योजना बनाकर पेश करेंगे। यह टीम आरयूआईडीपी के अतिरिक्त परियोजना निदेशक के सानिध्य में 21 व 22 अगस्त को दौरा करेगी।
टीम में यह अधिकारी होंगे शामिल
आरयूआईडीपी के अतिरिक्त परियोजना निदेशक हेमंत शर्मा, अतिरिक्त मुख्य अभियंता मोहनलाल सैनी, परियोजना उपनिदेशक केसी अग्रवाल, स्वायत्त शासन विभाग निदेशालय के अधिशासी अभियंता दीपककुमार सिंघल, सहायक अभियंता प्रतीक कुमावत, तुषार शर्मा, आरयूआईडीपी के पीएमसीबीसी टीम लीडर तनय दास, आरयूआईडीपी पीएमसीबीसी अनुबंध प्रबंधक विशेषज्ञ योगेश शर्मा तथा स्वायत्त शासन विभाग के ईएमसी के वेस्ट वॉटर विशेषज्ञ रमेश चौधरी शामिल है। टीम के साथ नगर परिषद के आयुक्त समेत अन्य अधिकारी रहेंगे।