भीलवाड़ा. जिले में जनता की समस्या को खत्म करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण जिला परिषद की साधारण सभा। लेकिन अब यह महज एक औपचारिकता पूरी करने की प्रक्रिया बन चुकी है।
भीलवाड़ा. जिले में जनता की समस्या को खत्म करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण जिला परिषद की साधारण सभा। लेकिन अब यह महज एक औपचारिकता पूरी करने की प्रक्रिया बन चुकी है। क्योंकि यहां हर बार जनता से जुड़े पानी, बिजली और सड़कों के मुद्दे जनप्रतिनिधि उठाते हैं। मंत्री-विधायक अफसरों को फटकार लगाते हैं, लेकिन अधिकारी एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल देते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि धरातल पर कोई काम नहीं होता है। इसी तरह समस्याओं को खत्म करने की औपचारिकता के रूप में हर तीन माह में एक बार साधारण सभा होती है। शुक्रवार को भी एक बार फिर से जिला प्रमुख बरजीबाई भील की अध्यक्षता में साधारण सभा की बैठक सुबह 12.15 बजे होगी।
जिला परिषद की गत बैठक 21 जून को हुई थी। इसमें सबसे बड़ा मुद्दा सोलर लाइट का विधायक गोपाल खण्डेलवाल ने उठाया था। इसके अलावा भ्रष्टाचार को लेकर भी आरोप-प्रत्यारोप लगते रहे हैं, लेकिन नतीजा कुछ भी नहीं निकला है। रबी फसल की बुआई के दौरान नहरों का मामला उठाया जाता रहा है। इस बार फिर से यहीं मुद्दा छाने वाला है। किसानों को बिजली नहीं मिलने। खाद की समस्या को लेकर सदस्य अधिकारियों को घेर सकते हैं। इसके अलावा पालना रिपोर्ट की चर्चा में ही एक से डेढ़ घंटा निकल जाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती, ..
ग्रामीण क्षेत्रों में बिना सूचना के बिजली कटौती का मुद्दा सदस्यों ने उठाया था, उस दौरान अधिकारियों ने जल्द सुधार करने का भरोसा दिलाया था। जिला परिषद को सौंपी पालना रिपोर्ट में भी विभाग का कहना है कि बिजली की कमी के कारण कटौती हो गई थी, लेकिन अब स्थिति सामान्य है। लेकिन अब किसानों को 6 घंटे बिजली भी समय पर नहीं मिल रही है। कुछ क्षेत्रों में तो रात को बिजली दी जा रही है। शहर में 33 निजी कॉलोनियों को पेयजल मुहैया कराने का मुद्दा भी छाया रहा था। यह मामला अब भी इसी स्थिति में है।