पेट्रोलियम मंत्रालय ने जारी किया आदेश, 20 प्रतिशत अतिरिक्त कोटे की मिली मंजूरी
कमर्शियल गैस के संकट से जूझ रहे उद्योगों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नॉन-डोमेस्टिक कमर्शियल एलपीजी के आवंटन में 20 प्रतिशत की अतिरिक्त बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अब उद्योगों को संकट-पूर्व स्तर का कुल 70 प्रतिशत गैस कोटा मिल सकेगा।
पेट्रोलियम सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को 27 मार्च को जारी किए गए पत्र में यह निर्देश दिए गए हैं। यह फैसला उन उद्योगों के लिए एक जीवनदान साबित होगा, जिनका उत्पादन गैस की कमी के कारण प्रभावित हो रहा था। राजस्थान के परिप्रेक्ष्य में, विशेषकर भीलवाड़ा और पाली के टेक्सटाइल उद्योगों को इस फैसले से बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
मंत्रालय के आदेशानुसार यह अतिरिक्त 20 प्रतिशत कोटा मुख्य रूप से उन उद्योगों को दिया जाएगा जो अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं और रोजगार के बड़े साधन हैं। इनमें प्रमुख रूप से स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग), डाई, केमिकल और प्लास्टिक उद्योग शामिल है। इनमें से भी उन प्रोसेसिंग उद्योगों को सर्वोपरि रखा जाएगा जिन्हें विशिष्ट हीटिंग के लिए केवल एलपीजी की ही आवश्यकता होती है और जहां प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल विकल्प के रूप में नहीं किया जा सकता।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह अतिरिक्त कोटा बिना शर्त नहीं मिलेगा। उद्योगों को 21 मार्च 2026 के आदेशानुसार तेल विपणन कंपनियों के साथ अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा। साथ ही सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन संस्थाओं के पास पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना भी अनिवार्य होगा। हालांकि जिन उद्योगों में तकनीकी कारणों से पीएनजी का इस्तेमाल संभव नहीं है, उन्हें इस शर्त से छूट मिलेगी।
पेट्रोलियम सचिव ने सभी राज्यों से आग्रह किया है कि यदि उन्होंने अब तक पीएनजी को बढ़ावा देने वाले सुधार लागू नहीं किए हैं, तो वे इसे तुरंत करें ताकि वे भी लंबित 10 प्रतिशत सुधार-आधारित कोटे का लाभ उठा सकें। इसके अलावा, मंत्रालय ने प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण आदेश 2026 को सभी संबंधित विभागों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए हैं।