दो जयपुर में भर्ती, अब तक चार की मृत्यु
भीलवाड़ा।
म्यूकर मायकोसिस (ब्लैक फंगस) ने शुक्रवार को बागोर के पूर्व सरपंच पीथास निवासी की जान ले ली। जिले में अब तक इस बीमारी से चार जनों की मौत हो चुकी है, जबकि एक जने की आंख की रोशनी चली गई है। शाहपुरा क्षेत्र के दो व्यक्तियो का उपचार जयपुर के एसएमएस अस्पताल में चल रहा है।
चिकित्सा विभाग के अनुसार बागोर पंचायत के पीथास ग्राम के रहने वाले पूर्व सरपंच रामप्रसाद दमामी को पिछले दिनों कोरोना संक्रमण हुआ था। उन्हें उपचार के लिए महात्मा गांधी अस्पताल भीलवाड़ा में भर्ती कराया गया, जहां 10 दिन के उपचार के बाद आंख में सूजन आने लगी और एक आंख बंद हो गई। परिजनों ने यहां से उन्हें जयपुर एसएमएस में भर्ती कराया। वहां शुगर लेबल ५०० से नीचे नहीं आने पर परिजन दमामी को छुट्टी दिलाकर शुक्रवार सुबह बागोर लेकर आ रहे थे कि रास्ते में अजमेर के पास दम तोड़ दिया। परिजनों ने पत्रिका को बताया कि दमामी को जयपुर में चिकित्सकों ने ब्लैक फंगस बताया था। उल्लेखनीय है कि भीलवाड़ा में अब तक ब्लैक फंगस चार जनों की मौत हो गई हैं, लेकिन विभाग ने अब तक एक भी मौत की पुष्टि नहीं की है। इससे पहले गुरुवार को गुलाबपुरा कस्बे के रहने वाले अब्दुल गफ्फार की उदयपुर में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी।
शाहपुरा तहसील के सांखलिया गांव के ४० साल के एक व्यक्ति के पिछले एक सप्ताह से हालत ठीक न होने पर १८ मई को भीलवाड़ा के निजी डाइग्नोस्टिक सेंटर पर एमआरआई करवाई। इसमें उसके ब्लैक फंगस होने की बात सामने आने पर शुक्रवार सुबह ही उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया है। उसके परिजन ने बताया कि शाहपुरा में कुछ दिन पहले कोरोना की जांच करवाई थी, जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन तबीयत ठीक नहीं होने पर भीलवाड़ा आकर जांच करवाई थी। इसी प्रकार ढिकोला के एक व्यक्ति को भी जयपुर रेफर किया गया है।