जिले में सातुड़ी तीज 21 अगस्त को मनाई जाएगी।
Bhilwara news : भीलवाड़ा जिले में सातुड़ी तीज 21 अगस्त को मनाई जाएगी। सिंजारा मंगलवार को है। इसे लेकर तैयारियां चल रही है। विशेष रूप में माहेश्वरी समाज के हर घर में सत्तू के लड्डू बनाए जा रहे हैं। माहेश्वरी समाज का सामूहिक भोज भी होगा। इस तीज को कजरी तीज का व्रत भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर किया जाता है। कई स्थानों पर कजरी तीज को कजली तीज या सातुड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन मुख्य रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है।
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि 21 अगस्त को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर शुरू होगी। तिथि 22 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 46 मिनट पर संपन्न होगी। 22 अगस्त को दोपहर बाद चतुर्थी तिथि प्रारम्भ होगी। इस आधार पर 21 अगस्त की शाम को 5 बजे बाद तृतीया तिथि प्रारम्भ होने से सातुड़ी तीज उसी दिन मनाई जाएगी। चन्द्रमा का उदय रात्रि 8.25 बजे होगा।
उन्होंने बताया कि चन्द्रमा को अर्घ्य देते समय तृतीया तिथि का होना जरूरी होता है। इसके चलते तीज बुधवार को ही मनाई जाएगी। तीज 22 अगस्त को दोपहर 1.46 बजे तक ही रहेगी। उसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारम्भ होगी। चतुर्थी का व्रत 22 अगस्त को होगा और चन्द्रोदय रात्रि 9 बजे बाद होगा। उपछठ का व्रत 24 अगस्त, जन्माष्टमी 26 अगस्त तथा गोपूजाबच्छ बारस 30 अगस्त को मनाई जाएगी।
व्यास ने बताया कि महिलाएं दिन भर उपवास रखकर शाम को चन्द्रमा की पूजा करने के बाद सत्तु व दूध से अपना व्रत खोलती है। महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। तीज के दिन जवाई अपने सुसराल जाते हैं उनके लिए विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाए जाते है। महिला के सुसराल से सत्तु के पिंड आते हैं।