भीलवाड़ा

अब डरने की जरूरत नहीं, शनि दुश्मन नहीं दोस्त, शनि अमावस्या पर लगे मेले

शनि अमावस्या पर्व पर शनिवार को भक्तों व सेवादारों ने भगवान शनि की विशेष पूजा की, 30 साल बाद शनि अमावस्या शोभन योग बना
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Updated: 18 Nov 2017, 8:58 PM IST
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गांधी नगर स्थित श्री शनिदेव मंदिर में शनिदेव का अभिषेक करते श्रद्धालु

भीलवाड़ा।

शहर समेत जिले में शनि मंदिरों में शनि अमावस्या पर्व पर शनिवार को भक्तों व सेवादारों ने भगवान शनि की विशेष पूजा की। 30 साल बाद शनि अमावस्या शोभन योग में रही। शनि अमावस्या खरीदारी के साथ पितृ दोष, शनि की ढैया व साढ़े साती की शांति के लिए श्रद्धालुओं द्वारा हवन व अभिषेक करवाए।
शनि अमावस्या महोत्सव को लेकर गांधी नगर स्थित श्री शनिदेव मंदिर व बापू नगर पुर रोड स्थित शनि मंदिर सहित परिसर को सजाया गया। साथ ही पूरे दिन कई धार्मिक कार्यक्रम हुए।

श्री शनिदेव की प्रतिमा के अतिरिक्त अन्य प्रतिमाओं की साज-सज्जा की गई। देवी-देवताओं की मनोहारी सिद्ध प्रतिमाओं को भी गुलाब एवं गेंदे के फूलों से सुशोभित किया गया। पूजा का दौर सुबह मंगलाआरती से शुरू हुआ। इसके बाद पूजन व तेलाभिषेक हुआ। गांधी नगर श्री शनिदेव मंदिर के प्रवक्ता नारायण जोशी ने बताया कि मंदिर में दिनभर भक्तों की कतारें रही। शाम को आरती के बाद प्रसादी वितरण हुआ।

शनिमंदिर के पुजारी गुलाबचंद जोशी ने बताया कि शनिदेव से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। श्री शनिदेव मनुष्यों के शत्रु नहीं मित्र है। श्री शनिदेव क्रूर नहीं कल्याणकारी है। श्री शनिदेव कर्मफल के दाता है, मनुष्यों को उनके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि अमावस्या अत्यंत महत्वपूर्ण, सर्व कल्याणकारी, सर्व मंगलकारी और सर्व सिद्धिप्रद है।

दाल बाटी चूरमे का शनिदेव के लगाया भोग
शनि अमावस्या पर शनिवार को अरवड़ के शनि महाराज मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी । अमावस व शनिवार के इस विशेष संयोग पर अरवड़ स्थित शनि मंदिर प्रांगण पर तड़के सवेरे से ही श्रद्धालुओं की कतारे लगी है। श्रद्धालुओं ने शनिदेव को काले तिल उड़द व तेल चढ़ाकर पूजा अर्चना कर घर परिवार में खुशहाली की कामना की। शनि मंदिर प्रांगण पर पंडितों के सानिध्य में श्रद्धालुओं द्वारा हवन कुण्ड में आहुतियां दी गई। शनि मंदिर पर इस विशेष संयोग पर एक दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। क़स्बे सहित आस पास एव दूर दराज क्षेत्र से भक्त जन शनि दर्शन के लिए अरवड़ स्थित शनिधाम पहुंचे। शनि मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दाल बाटी चूरमे की रसोई बनाकर शनिदेव को भोग लगाया।

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