भीलवाड़ा जिले में 11 मार्च को मनाए जाने वाले शीतला अष्टमी त्योहार को लेकर भीलवाड़ा डेयरी ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। त्योहार पर दूध, दही और मावे की बढ़ती मांग को देखते हुए डेयरी प्रशासन ने इस बार आपूर्ति का बड़ा लक्ष्य रखा है। प्रबन्ध संचालक त्रिभुवन पाटीदार की अध्यक्षता में विपणन विभाग […]
भीलवाड़ा जिले में 11 मार्च को मनाए जाने वाले शीतला अष्टमी त्योहार को लेकर भीलवाड़ा डेयरी ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। त्योहार पर दूध, दही और मावे की बढ़ती मांग को देखते हुए डेयरी प्रशासन ने इस बार आपूर्ति का बड़ा लक्ष्य रखा है। प्रबन्ध संचालक त्रिभुवन पाटीदार की अध्यक्षता में विपणन विभाग की हुई अहम बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 9 और 10 मार्च को भीलवाड़ा व राजसमन्द दुग्ध संघ के कार्यक्षेत्र में 8.30 लाख लीटर सरस पैक्ड दुग्ध की आपूर्ति की जाएगी।
त्योहार पर केवल दूध ही नहीं, बल्कि सरस के अन्य उत्पादों की भी कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। प्रबन्ध संचालक पाटीदार ने बताया कि दूध के अलावा लगभग 1.50 लाख किलो/लीटर सरस उत्पादों के विक्रय का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें विशेष रूप से फीका मावा, पेड़ा, बर्फी, छाछ, दही और पनीर शामिल हैं, ताकि आमजन को त्यौहार पर शुद्ध और ताजी सामग्री मिल सके।
इस भारी-भरकम मांग को समय पर पूरा करने के लिए लॉजिस्टिक्स का भी पुख्ता इंतजाम किया गया है। पाटीदार के अनुसार भीलवाड़ा शहर में 38 इंश्युलेटेड (तापमान नियंत्रित) वाहनों के माध्यम से सप्लाई होगी। वही ग्रामीण अंचलों के मार्गों पर 49 इंश्युलेटेड वाहन उतारे जाएंगे। इन 87 वाहनों के जरिए भीलवाड़ा के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित लगभग 1400 दुग्ध रिटेलरों तक सरस पैक्ड दुग्ध एवं उत्पाद सुरक्षित और ताजी स्थिति में पहुंचाए जाएंगे। डेयरी प्रशासन की इस व्यापक तैयारी से यह तय है कि इस बार शीतला अष्टमी पर शहरवासियों और ग्रामीणों को दूध या मावे की किल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।