कलक्टर ने कहा नोटिस मेरी जानकारी में नहीं है, सीएमएचओ का काम अच्छा
भीलवाड़ा .
कोरोना संक्रमण को रोकथाम को लेकर व भीलवाड़ा मॉडल की अहम कड़ी रहे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मुस्ताक खान को जिला परिषद के सीईओ ने कारण बताओं नोटिस दिया है। इस नोटिस के मामले में जिला कलक्टर शिवप्रसाद एम नकाते ने अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि डॉ. खान एक अच्छा वर्कर है। वह अपनी सौ प्रतिशत से अधिक कार्य कर रहा है। नोटिस क्यो दिया इसके बारे में चर्चा करेंगे। इसी तरह एक और नोटिस सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक शरद शर्मा को दिया है।
सीएमएचओ को यह दिया कारण बताओ नोटिस
सीईओ गोपलराम बिरड़ा ने गत २४ अगस्त को सीएमएचओ को नोटिस दिया। इसमें लिखा है कि काफी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से स्वास्थ्य कर्मियों को कार्य व्यस्थार्थ एवं प्रतिनियुक्ति में अन्य स्थानों पर लगा रखा है। जिससे ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सा के सम्बन्ध में अव्यवस्था हो रखी है। इस मामले में तीन दिवस में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य कर्मियों को व्यस्थार्थ एवं प्रतिनियुक्ति किसकी अनुमति से एवं किस कारण से लगा रखा है। साथ ही कार्य व्यवस्थार्थ एवं प्रतिनियुक्ति पर लगे हुए कार्मिकों की सूची एवं कार्यालय में स्वीकृत एवं रिक्त पदों की स्थिति पेश करे। निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर अनुशासनिक कार्रवाई के लिए प्रकरण को जिला स्थापना समिति में रखा जाएगा।
सहायक निदेशक को यह दिया नोटिस
बिरड़ा ने शरद शर्मा को दिए नोटिस में बताया कि काफी संख्या में वृद्धावस्था, विधवा एवं परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों में समय पर ऑनलाइन सत्यापन नहीं किए जाने से स्वत: ही पेंशन स्वीकृति जारी हो रही है। इससे सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में ध्यान नहीं दिया जाकर मॉनिटरिंग नहीं की जा रही है। इससे गलत स्वीकृतिया जारी होने की संभावना है। इस सम्बन्ध में तीन दिन में जवाब देवे अन्यथा अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना में इसलिए बना भीलवाड़ा मॉडल
कोरोना पर काबू करने के मामले में भीलवाड़ा देश में रोल मॉडल बन गया था। 20 मार्च को पहला पॉजिटिव केस मिलने के बाद प्रशासन ने जो प्लान बनाया, उसकी केंद्र ने भी तारीफ की। ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मी समेत अन्य विभाग के कर्मचारियों को लगाकर ३०० टीमें बनाकर शहरी क्षेत्र में घर-घर सर्वे शुरू किया। स्क्रीनिंग शुरू की। संदिग्धों को 20 होटलों में क्वांरटीन किया। हाईपोक्लारोड 1 प्रतिशत के छिड़काव करवाया। ताकि संक्रमण फैल न सके। इलाज करने वाले डॉक्टर्स व मेडिकल स्टाफ के लिए वर्कआउट प्लान बनाया गया। भीलवाड़ा मॉडल की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सराहना की थी।
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इनका कहना है
नोटिस में साफ लिखा है। विभाग ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के अधिन आता है। जवाब नहीं मिलने पर मामले को जिला स्थापना समिति में रखा जाएगा।
गोपालराम बिरड़ा, सीईओ जिला परिषद
मेरी जानकारी में नही
नोटिस मेरी जानकारी में नहीं है। सीएमएचओ खान अच्छा वर्कर है। काम एक्सीलेंट है। वह सौ प्रतिशत से ज्यादा काम देना वाला अधिकारी है। नोटिस क्यों दिया इसकी जानकारी करूंगा।
शिवप्रसाद एम नकाते, जिला कलक्टर भीलवाड़ा
विभागीय मामला
कारण बताओ नोटिस एक विभागीय मामला है। मैं इसमें ज्यादा कुछ नहीं बोल सकता हूं।
डॉ. मुस्ताक खान, सीएमएचओ