जिले के आसींद थाना क्षेत्र के लाछूड़ा के निकट क्वाट्र्ज पत्थर की अवैध खदान बुधवार दोपहर ढह गई। वहां मजदूरी कर रही तीन महिलाओं समेत सात श्रमिक दब गए। पता चलने पर पुलिस-प्रशासन का अमला पहुंचा। जेसीबी की मदद से मलबे को हटाकर श्रमिकों को निकालने का काम शुरू किया।
भीलवाड़ा. जिले के आसींद थाना क्षेत्र के लाछूड़ा के निकट क्वाट्र्ज पत्थर की अवैध खदान बुधवार दोपहर ढह गई। वहां मजदूरी कर रही तीन महिलाओं समेत सात श्रमिक दब गए। पता चलने पर पुलिस-प्रशासन का अमला पहुंचा। जेसीबी की मदद से मलबे को हटाकर श्रमिकों को निकालने का काम शुरू किया। तीन घण्टे बाद एक महिला और एक पुरुष श्रमिक का शव निकाला जा सका। मलबे से शेष श्रमिकों को निकालने का काम जारी है। खदान पचास से साठ फीट गहरी है।
जानकारी के अनुसार लाछूड़ा में खेत पर अवैध रूप से क्वाट्र्ज पत्थर की खदान चल रही थी। रोजाना की तरह श्रमिक खदान पर काम कर रहे थे कि यह भरभर्रा कर ढह गई। इसमें सात श्रमिक दब गए। पता चलने पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। जेसीबी मंगवा बचाव अभियान शुरू किया। खदान गहरी होने से पांच अन्य श्रमिकों को निकाला नहीं जा सका। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा है। जिला मुख्यालय से अतिरिक्त जाप्ता वहां भेजा गया।
एक ही गांव के
खदान में दबे श्रमिक करेड़ा क्षेत्र के केमरी गांव के है। इनमें गणेश भील, कन्हैया भील, प्रहलाद भाट, धर्मों भाट, हिंगला भाट, मीना भील तथा एक अन्य महिला शामिल है। तीन घण्टे मशक्कत के बाद प्रहलाद भाट और मीना भील का शव निकाल लिया गया। अन्य श्रमिकों को निकालने के लिए एलएनटी समेत कई मशीनों से बचाव अभियान चल रहा है। जिला कलक्टर शिव प्रसाद एम नकाते, पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा और भाजपा नेता कालूलाल गुर्जर मौके पर पहुंचे।