टूटा था शौचालय का गेट
काछोला।
किशोरी का अपहरण कर दुष्कर्म का आरोपी सोमवार देर रात थाने के शौचालय का रोशनदान तोड़कर फरार हो गया। लघुशंका के बहाने पुलिसकर्मियों ने उसे हवालात से निकला था। आरोपी के थाने से फरार हो जाने का मामला दर्ज किया गया। उसकी तलाश में मंगलवार को कई जगह दबिश दी, लेकिन सुराग नहीं लगा। उधर, पुलिस अधीक्षक योगेश यादव ने लापरवाही बरतने पर सिपाही को निलंबित कर दिया।
थानाप्रभारी राजेन्द्र ताड़ा ने बताया कि रामपुरा (पण्डेर) निवासी सियाराम वैष्णव को किशोरी का अपहरण व दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया था। जयपुर से हिरासत में लिया। सोमवार को अदालत में पेश कर दो दिन के रिमाण्ड पर लिया था। देर रात हवालात में बंद था। उसने रात में संतरी जसपालसिंह से लघुशंका की शिकायत की।
हवालात का शौचालय चॉक, बाहर ही ले जाना पड़ता
हवालात का शौचालय चॉक था। इसके चलते सियाराम को बाहर थाना परिसर में अन्य शौचालय में संतरी ले गया। तभी सियाराम शौचालय का रोशनदान तोड़कर भाग गया। काफी देर बाहर नहीं आने पर संतरी ने आवाज लगाई। जवाब नहीं मिलने पर शौचालय का दरवाजा तोड़ा तो रोशनदान टूटा मिला व सियाराम फरार था। उसे अंधेरे का फायदा भी मिला। पुलिसकर्मी तलाश में जुटे। अन्य थाना पुलिस को भी सूचना देकर नाकाबंदी कराई। मंगलवार दोपहर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी काछोला पहुंचे व घटना की जानकारी ली। एसपी ने सिपाही जसपालसिंह को निलंबित कर दिया।
आरोपी के भागने में लापरवाही
आरोपी के भागने के पीछे पुलिस की लापरवाही सामने आई है। एक हवालात का शौचालय चॉक था। जिस शौचालय में सियाराम को ले जाया गया। उसका लकड़ी का गेट ही टूटा था। एेसे में सियाराम को भागने में मुश्किल नहीं हुई। उधर, रात में अंधेरा होने से पुलिसकर्मी उसे तलाश नहीं पाए। वह जंगल के रास्ते भाग गया।