5 साल से 9वीं का परिणाम 60% से कम, फिर इस बार इतना हंगामा क्यों
भीलवाड़ा के सुवाणा ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गढ़पाछली आमली में इन दिनों कक्षा 9वीं के परीक्षा परिणाम और एक शिक्षिका की 'रील' को लेकर शिक्षा विभाग और गांव में हड़कंप मचा हुआ है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हंगामा खड़ा कर दिया गया है, लेकिन हकीकत दावों से कोसों दूर है। जिस शिक्षिका राखी गुप्ता पर रील बनाने का आरोप लगाते हुए कक्षा 9वीं के खराब रिजल्ट का ठीकरा फोड़ा जा रहा है, विद्यालय रेकॉर्ड के अनुसार उसी शिक्षिका ने बोर्ड परीक्षा कक्षा 10वीं में 100% परिणाम दिया है।
कक्षा 9वीं के परिणाम को लेकर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह पिछले पांच सालों के आंकड़ों से मेल नहीं खाता है। पिछले पांच सालों के परिणाम पर नजर डालें तो हर साल 9वीं का रिजल्ट 60 प्रतिशत से कम ही रहा है। इस बार भी 9वीं में हिन्दी, अंग्रेजी, गणित समेत सभी विषयों में विद्यार्थियों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।
राउमावि गढ़पाछली आमली की प्रधानाचार्य उमा डोलिया ने वायरल रील की सच्चाई स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि जो रील सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही है, उसमें कक्षा 9वीं का एक भी छात्र शामिल नहीं है। रील में दिखने वाले सभी छात्र 10वीं और 12वीं बोर्ड कक्षाओं के हैं। यह वीडियो 12वीं कक्षा के फेयरवेल और विद्यालय के अन्य कार्यक्रमों के दौरान का है। इन दोनों ही कक्षा 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम विद्यालय में शत-प्रतिशत रहा है। प्रधानाचार्य डोलिया का कहना है कि यदि गांव वालों को किसी बात से कोई शिकायत थी, तो उन्हें सीधे विद्यालय प्रबंधन को बताना चाहिए था, ताकि हम बैठकर समस्या का समाधान निकाल सकते।
इस पूरे विवाद की जांच के लिए शिक्षा विभाग की ओर से एक कमेटी गठित की गई है। जांच टीम ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। शुक्रवार को अवकाश होने के कारण संभवतया अब शनिवार को जांच रिपोर्ट मिलेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी कि आखिर गड़बड़ी कहां हुई है और इसके पीछे के वास्तविक कारण क्या हैं।
- रामेश्वर जीनगर, सीबीईओ, सुवाणा
वर्ष छात्र पास परिणाम