
भीलवाड़ा।
सांगानेर रोड की विनायक रेजीडेंसी ने कोरोना को एंट्री नहीं करने दी। वायरस रोकने के लिए सैनिटाइजर, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग पर खास जोर रहा है। अपार्टमेंट में बाहरी लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित है। स्थानीय लोगों को सैनिटाइज करने को गार्ड को हिदायत दे रखी है। सैनिटाइज हुए बिना स्थानीय लोग न प्रवेशद्वार से एंट्री कर सकते और न सीढ़ी-लिफ्ट का इस्तेमाल। दरअसल विनायक रेजीडेंसी वेलफेयर सोसायटी ने कोरोना से बचाने के लिए सुरक्षा के पुख्ता प्रबन्ध किए। इस रेजीडेंसी में दो दर्जन से अधिक डॉक्टर, बैंक व सरकारी अधिकारी रहते हैं। यहां रह रहे डॉक्टरों ने खुद के साथ दूसरों को सुरक्षित रहने के गुर दिए हैं।
सोसायटी अध्यक्ष जीपी पारीक ने बताया कि ७५ फ्लैट हैं। 24 घंटे तीन सुरक्षाकर्मी रहते हैं। सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। ये कैमरे हर फ्लोर व कॉमन एरिया कवर करते हैं। कोरोना काल में सदस्यों ने घरेलू मदद के लिए सहायिकाओं के प्रवेश पर पाबंदी लगा दी। अब कुछ दिन से छुट दी है। घरेूल नौकरों को घंटी बजाने से मना कर रखा है। वे हाथ धोने के बाद ही प्रवेश कर सकते हैं। मुख्यद्वार पर सुरक्षाकर्मी इंटरकॉम से फ्लेट मालिक की अनुमति लेकर ही बाहरी को प्रवेश देता है। मुख्यद्वार पर आने-जाने वाले का हिसाब रखा जाता है।
एेसे करते हैं बचाव
पारीक ने बताया कि सबने आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर रखे हैं। कॉरियर व खाने वाले को अंदर प्रवेश नहीं दिया जाता। बांगड़ अस्पताल के तीन डॉक्टर यहां रहते हैं लेकिन वे भी अपने कमरे से बाहर नहीं निकले। सबको सैनिटाइजर दे रखा है। हर रविवार को पूरी सोसायटी में हाइपोक्लोराइड छिड़का जाता है। रैलिंग, गेट, लिफ्ट, वाहन रोज सैनिटाइज किया जाता है। मास्क के बिना प्रवेश बंद है। बच्चों को लिफ्ट के बजाय सीढिय़ों के इस्तेमाल का कह रखा है।