27 साल बाद दिवाली पर ग्रहण का साया, 26 को मनाएंगे अन्नकूट महोत्सव
भीलवाड़ा. परंपरा और तिथि के हिसाब से हर साल दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट महोत्सव मनाते हैं। इस दिन भगवान को कई तरह के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। इस साल यह परंपरा टूटने वाली है। असल में दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा नहीं होगी क्योंकि खंडग्रास सूर्यग्रहण है।
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी युक्त प्रदोष व्यापिनी अमावस्या पर 24 अक्टूबर को दीपावली मनाई जाएगी। शाम को लक्ष्मीजी की पूजा होगी। इसके अगले दिन कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या 25 अक्टूबर को खंडग्रास सूर्यग्रहण होगा। इसके चलते दीपावली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा नहीं हो सकेगी। प्रभु को अन्नकूट का भोग नहीं लगेगा। 25 अक्टूबर को शाम 4.32 बजे सूर्यग्रहण शुरू होगा, जो सूर्यास्त के बाद शाम 6.32 बजे तक रहेगा। ऐसे में सूतक 12 घंटे पहले यानी सुबह 4.31 बजे से शुरू होगा व शाम 5.57 बजे मोक्ष होगा। ऐसे में इस दिन न गोवर्धन पूजा होगी और न ही ठाकुरजी को अन्नकूट का भोग लगेगा।
चार दिन का दीपोत्सव
पंडित अशोक व्यास ने बताया कि दीपोत्सव चार दिवसीय होगा। हालांकि त्योहार तीन दिन ही मनाया जाएगा। व्यास ने बताया कि 23 अक्टूबर को धनतेरस व रूप चौदस मनाएंगे। 24 अक्टूबर को शाम को 5.27 बजे अमावस्या शुरू होगी, लेकिन दीपावली की पूजा सुबह से शुरू हो जाएगी क्योंकि अगले दिन 25 अक्टूबर को सूर्यग्रहण है। 25 अक्टूबर को तड़के 4.31 बजे से सूतक लग जाएगा। सूर्यग्रहण का प्रभाव होने से गोवर्धन पूजा और अन्नकूट नहीं मनाया जाएगा। अगले दिन 26 अक्टूबर को दोपहर 2.42 बजे द्वितीया तिथि लगेगी इसलिए गोवर्धन पूजा, अन्नकूट व भाई दूज मनाए जाएंगे। बुधवार को ही भगवान को चावल, मूंग और मोठ सहित आदि का भोग लगाया जाएगा।
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1995 में बना था ऐसा संयोग
व्यास ने बताया कि भारत में ऐसा संयोग 27 साल बाद बना है। इससे पहले 24 अक्टूबर 1995 को सूर्यग्रहण था। इसका असर भारत के कुछ हिस्सों में पड़ा था। 23 अक्टूबर को दीपावली की पूजा हुई थी, लेकिन सूर्यग्रहण के लिए 25 अक्टूबर को अन्नकूट महोत्सव न बनाकर 26 अक्टूबर को मनाया गया था।
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इस दिन ये त्योहार
23 अक्टूबर: धनतेरस व रूपचौदस
24 अक्टूबर: दिन में रूपचौदस शाम को अमावस्या के कारण दीपावली पूजा
25 अक्टूबर: सूर्यग्रहण होने से कोई पर्व नहीं
26 अक्टूबर: गोवर्धन पूजा, अन्नकूट भाई दूज
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दीपावली पूजा मुहुर्त
अमृत वेला- सुबह 6.45 बजे से 7.30 बजे तक
शुभ वेला- सुबह 9.33 बजे से 10.55 बजे तक
अभिजीत वेला दोपहर 11.59 बजे से 12.44 बजे तक
चंचल वेला- दोपहर 1.46 बजे से 3.10 बजे तक
लाभ अमृत वेला- दोपहर 3.10 बजे से 5.58 बजे तक
प्रदोष वेला- शाम 5.58 बजे से 8.32 बजे तक
लाभ वेला- रात 10.46 बजे से 12.22 बजे तक