भीलवाड़ा

सोनी मलबर्न में भारतीय परम्परा को दे रहे बढ़ावा

देश एवं विदेश में मांडणा एवं फड चित्रकला में ख्यातनाम भीलवाड़ा के सोनी परिवार के सदस्य सूर्य प्रकाश सोनी आस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में भारतीय कला, संस्कृति एवं तीज त्योहारों को यहां बसे भारतीय परिवारों के मन में बसा हुए है।

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Sony promotes Indian tradition in Melbourne

भीलवाड़ा। देश एवं विदेश में मांडणा एवं फड चित्रकला में ख्यातनाम भीलवाड़ा के सोनी परिवार के सदस्य सूर्य प्रकाश सोनी आस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में भारतीय कला, संस्कृति एवं तीज त्योहारों को यहां बसे भारतीय परिवारों के मन में बसा हुए है।

चित्रकार दिनेश सोनी बताते है कि उनके भाई सूर्यप्रकाश सोनी मास्टर ऑफ कम्प्यूटर सांइस की पढ़ाई करने वर्ष 2005 अस्ट्रेलिया गए थे। पढ़ाई के दौरान ही वह राजस्थानी कुटुम्ब ऑफ विक्टोरिया (राजकोव) संस्थान से जुड़ गए। राजकोव में सूर्य प्रकाश (३९), उनकी पत्नी माधुरी और बच्चे अदिति,आदित्य की खास पहचान है।

देश छूटने की रहती है मन में टिस
सूर्य प्रकाश बताते है कि उन्होंने अनुभव किया कि जब किसी भारतीय का देश छूट जाता है तो वो परदेश में रह कर कितनी गहराई से अपनी संस्कृति से जुड़ जाता है। ऐसे में भारतीय संस्कृति ही एक डूबने वाले को तिनके का सहारा के समान लगने लगता है। कई विद्यार्थी जो कम आयु में ही वहां पढऩे आ जाते हैं, उन्हें अपने देश के लोगो को देख आत्मीयता का आभास होता है व सभी भारतीय यहां सदैव उनके सहयोग के लिए तत्पर रहते हैं।जिससे उन बच्चों एवं परिवारों को अपनेपन का आभास एवं हिम्मत प्रदान करता है।
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भारतीय की करते है मदद
सूर्य प्रकाश ने तय किया की जो सांस्कृतिक सुख और सुविधा उन्हें मिली, वो लगातार भारत से आने वाले लोगों को मिलती रहे। अपने व्यक्तिगत और व्यवसायिक समय के अतिरिक्त उन्होंने अपना सारा समय समाज सेवा को दे दिया। सूर्य प्रकाश राजकोव के अलावा आर्य समाज ऑफ मेलबर्न, सेलब्रेट इंडिया आदि भारतीय संगठन से भी जुड़े हुए है।
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साप्ताहिक यज्ञ, हवन ओर ज्ञानोपदेश
भारतीय नागरिकों में अपनी संस्कृति से जुड़े उत्सव एवं परम्पराओं को बनाए रखने के लिए साप्ताहिक यज्ञ, हवन ओर ज्ञानोपदेश का आयोजन शुरू किया। जिसमें नियमित रूप से 50 परिवार जुड़े हुए हैं। साथ ही विशेष त्योहारों पर हर वर्ष सिटी स्क्वायर पर भारतीय संस्कृति से जुड़े पर्व आयोजित करते हैं।जिसमे हर बार लगभग 10000 भारतीय एवं कई ऑस्ट्रेलियन परिवार हिस्सा लेते हैं। इन उत्सवों पर विशिष्ट भारतीय परिवार को पुरस्कृत किया जाता है जो संस्कृति को वहां जीवित रखे हुए हैं।
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कोरोना संकट में बने सहारा
कोरोना काल में सूर्य के माद्यम से संस्था द्वारा भारतीय विद्यार्थियों और उन भारतीय लोगों को जिनकी नौकरी छूट गई। तीन माह तक लगातार साठ हजार भोजन टिफि न एवं हर सप्ताह राशन किट मुफ्त अपनी संस्थाओ के माध्यम से उपलब्ध कराए
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कारोबारों को भी बढाएंगे
सूर्य प्रकाश बताते है कि वर्षों से अटके हुए मेलबोर्न में भारतीय समुदाय केंद्र की स्थापना करेंगे और ऑस्ट्रेलिया, भारतीय व्यापारिक संगठनों से जोड़ कर आयात-निर्यात में अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ेंगे।
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Published on:
17 Dec 2020 08:31 am
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