जिन्दल ने किया था रामधाम के पास रेलवे ओवरब्रिज निर्माण का अनुबंध सात दिन में देंगे अध्ययन रिपोर्ट
भीलवाड़ा. जिन्दल सॉ लिमिटेड की ओर से शहर के गंदे पानी के उपयोग के मामले में नगर परिषद से किए गए अनुबंध के मामले में गुरुवार को सभापति राकेश पाठक ने शहर के पांच वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ बैठक की। इसमें पाठक ने बताया कि जिन्दल ने परिषद के साथ किए गए अनुबंध की पालना में रामधाम के पास रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करवाया जाना था। लेकिन अभी तक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हो पाया है। इससे शहर की जनता को आए दिन लगने वाले जाम से परेशान होना पड़ रहा है।
बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ताओं में रामेश्वर लाल विजयवर्गीय, सुरेशचंद्र श्रीमाली, कैलाश चंद्र कास्ट, गोपाल अजमेरा, राजेंद्र कचोलिया से विधिक राय ली गई। पाठक ने अब तक एनजीटी में हुई सुनवाई तथा आदेश की प्रतियां भी दी है। इस आदेश में कहीं भी यह निर्देश नहीं दिए गए है कि भीलवाड़ा में आरओबी का निर्माण पर रोक लगाई गई है। अधिवक्ताओं ने सात दिवस में प्रकरण का अध्ययन कर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में की जा सकने वाली विधिक कार्रवाई के लिए परिषद को अवगत कराया जाएगा। अधिवक्ताओं ने प्रारंभिक स्तर पर पाठक को बताया कि जिंदल की ओर से अनुबंध की पालना नहीं किए जाने पर परिषद की ओर से दिए जा रहे पानी को रोकने की कार्रवाई की जा सकती है। पानी को रोकने के संबंध में सभापति पाठक ने 13 फरवरी को होने वाली नगर परिषद की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा है। भीलवाड़ा में एक और ओवरब्रिज का निर्माण हो इसे लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से भी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को लेकर ही सभापति पाठक ने कहा था कि आरओबी को लेकर शहर के पांच वरिष्ठ अधिवक्ताओं से राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।