दस विद्यार्थियों पर एक अटेंडेंट, दस माह तक मिलेगा मानदेय भीलवाड़ा में दो हजार से अधिक विशेष विद्यार्थी होंगे लाभान्वित
सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों (सीडब्ल्यूएसएन) को अब स्कूल में सहारा देने के लिए अटेंडेंट रखे जाएंगे। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एक अटेंडेंट दस विशेष विद्यार्थियों की देखरेख करेगा। उन्हें न केवल शैक्षणिक गतिविधियों में मदद मिलेगी, बल्कि दैनिक क्रियाओं, आने-जाने और देखभाल जैसे कार्यों में भी सहायता दी जाएगी।
5590 रुपए मासिक मानदेय, 10 माह का कार्यकाल
यह व्यवस्था 10 माह के लिए लागू होगी, जिसके तहत प्रत्येक अटेंडेंट को प्रतिमाह 5590 रुपए का मानदेय दिया जाएगा। संबंधित विद्यालय में यदि विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों की संख्या 10 या उससे अधिक है, तभी वहां अटेंडेंट की नियुक्ति होगी।
कमेटी करेगी नियुक्ति
केयर अटेंडेंट की नियुक्ति एक समिति की ओर से की जाएगी। इसकी अध्यक्षता पीईईओ या यूसीईईओ करेंगे। कमेटी में एसडीएमसी सचिव सदस्य, विशेष शिक्षक सदस्य तथा एसडीएमसी एवं एसएमसी के दो सदस्य भी शामिल होंगे। रिक्ति की स्थिति में यही समिति पुनः अटेंडेंट की नियुक्ति कर सकेगी।
भीलवाड़ा में दो हजार विद्यार्थी लाभान्वित होंगे
प्रदेशभर में लगभग 1 लाख विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थी राजकीय विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं। भीलवाड़ा जिले में इनकी संख्या लगभग 2000 है। इनमें शारीरिक, मानसिक, श्रवण बाधित, मूक-बधिर और अन्य दिव्यांग श्रेणियों के विद्यार्थी शामिल हैं। इस योजना से ऐसे विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा में सुविधा मिलेगी, बल्कि सामाजिक समावेश और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।