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डिग्रियां भारी, हाथ खाली; क्या ‘बजट-2026’ युवाओं के लिए लाएगा नौकरियों की दिवाली

- रोजगार का रोडमैप: स्किल इंडिया 2.0 से उम्मीद - स्टार्टअप को टैक्स छूट और सरकारी भर्तियों के 'कैलेंडर' पर टिकी देश के युवाओं की नजरें

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Degrees are heavy, hands are empty; will Budget 2026 bring a Diwali of jobs for the youth?

Degrees are heavy, hands are empty; will Budget 2026 bring a Diwali of jobs for the youth?

देश का युवा आज एक अजीब विरोधाभास के बीच खड़ा है। एक तरफ उच्च शिक्षा की चमकती डिग्रियां हैं, तो दूसरी तरफ बाजार में 'स्किल गैप' और नौकरियों की कमी का अंधेरा। इस पृष्ठभूमि में फरवरी में आने वाला केंद्रीय बजट 2026 केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं की उम्मीदों का घोषणापत्र माना जा रहा है। क्या वित्त मंत्री स्किल इंडिया मिशन को नई धार देंगी? क्या अप्रेंटिसशिप को अनिवार्य कर कॉर्पोरेट जगत के दरवाजे खोले जाएंगे? इन सवालों के जवाब पर ही देश की 'डेमोग्राफिक डिविडेंड' (जनसांख्यिकीय लाभांश) का भविष्य टिका है।

स्किल इंडिया और अप्रेंटिसशिप: किताबी ज्ञान बनाम हुनर

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि वर्तमान शिक्षा पद्धति और कॉर्पोरेट जरूरतों के बीच बड़ी खाई है। बजट में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के नए चरण की घोषणा हो सकती है, जो एआई और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों पर केंद्रित होगी। छोटे उद्योगों में अप्रेंटिसशिप करने वाले युवाओं के लिए सरकार सीधे उनके बैंक खाते में स्टाइपेंड की राशि बढ़ाने का प्रावधान कर सकती है।

स्टार्टअप इकोनॉमी

पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप्स ने लाखों नौकरियां पैदा की हैं, लेकिन 'फंडिंग विंटर' के कारण यह रफ्तार धीमी हुई है। स्टार्टअप्स को उम्मीद है कि सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए करों में और छूट देगी। भीलवाड़ा जैसे शहरों के युवाओं की मांग है कि स्टार्टअप हब केवल दिल्ली-बेंगलूरु तक सीमित न रहें, बल्कि छोटे शहरों में 'इंक्यूबेशन सेंटर' के लिए विशेष फंड आवंटित हो।

सरकारी भर्तियां: 'बैकलॉग' और 'कैलेंडर' की मांग

सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या परीक्षाओं की अनिश्चितता है। युवाओं की मांग है कि यूपीएससी की तर्ज पर अन्य सभी केंद्रीय विभागों और रेलवे के लिए एक निश्चित वार्षिक 'भर्ती कैलेंडर' घोषित किया जाए। विभिन्न मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों में रिक्त पड़े लाखों पदों को भरने के लिए बजट में विशेष बजटीय प्रावधान की दरकार है।

पत्रिका व्यू: बजट से 5 बड़ी उम्मीदें

  • एजुकेशन लोन में राहत: उच्च शिक्षा के लिए कर्ज की ब्याज दरों में कमी और पुनर्भुगतान की अवधि में विस्तार।
  • नई पीढ़ी के उद्योग: ग्रीन एनर्जी और सेमीकंडक्टर मिशन में युवाओं के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम।
  • रोजगार प्रोत्साहन: उन कंपनियों को टैक्स बेनिफिट जो नए स्नातकों को नौकरी पर रखें।
  • डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: ग्रामीण क्षेत्रों में वर्क-फ्रॉम-होम को सुलभ बनाने के लिए हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी पर निवेश।
  • महिला उद्यमिता: युवा महिलाओं के लिए स्टार्टअप और छोटे व्यवसायों के लिए बिना गारंटी के ऋण की सीमा बढ़ाना।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की उम्मीद

हमारी सबसे बड़ी चिंता सरकारी नौकरियों की समय पर भर्ती और पेपर लीक जैसी समस्याओं को रोकना है। हम चाहते हैं कि बजट में 'नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी' को और मजबूत करने और परीक्षाओं का एक निश्चित वार्षिक कैलेंडर जारी करने के लिए विशेष फंड आवंटित किया जाए। फॉर्म भरने की फीस में छूट और दूर-दराज के केंद्रों तक पहुँचने के लिए रियायती यात्रा पास की भी उम्मीद है।

ओमप्रकाश, युवा

एंजेल टैक्स से राहत और आसान लोन

स्टार्टअप्स के लिए टैक्स हॉलिडे (कर अवकाश) की अवधि बढ़ाने और एंजेल टैक्स से जुड़ी जटिलताओं को पूरी तरह खत्म करना चाहिए। टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित करने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर और बिना गारंटी वाले लोन की प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाया जाना चाहिए।

सुरेन्द्र गोधा, उद्यमी

भविष्य की स्किल्स और इनकम टैक्स में छूट"

एआई और रोबोटिक्स के इस दौर में अपनी स्किल अपग्रेड करनी पड़ती है। सरकार को ऑनलाइन सर्टिफिकेशन और स्किलिंग कोर्सेज पर जीएसटी कम करना चाहिए। इसके अलावा, मिडिल क्लास के लिए टैक्स स्लैब में राहत की उम्मीद है ताकि हाथ में बचत ज्यादा रहे।

दिनेश विजयवर्गीय

एग्री-टेक और कोल्ड स्टोरेज के लिए प्रोत्साहन

बजट में 'एग्री-टेक' स्टार्टअप्स के लिए विशेष पैकेज और गांवों में कोल्ड-स्टोरेज की सुविधाओं के लिए निवेश की उम्मीद है। यदि सरकार ड्रोन तकनीक और जैविक खेती के लिए अधिक सब्सिडी देती है, तो शिक्षित युवा खेती से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

शिव गगरानी, उद्यमी