बजरी खनन की रफ्तार तेज
भीलवाड़ा जिले के बागोर क्षेत्र में बजरी खनन जोरों पर हैं। ग्रामीणों ने कई मर्तबा पुलिस को शिकायत की। माफिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज भी करवाई लेकिन फिर भी माफिया का कोई अधिकारी बाल बांका नहीं कर सका। इससे बजरी खनन की रफ्तार तेज हो गई और माफिया की पूरी गैंग तैयार हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस सरकार के समय बजरी खनन रोकने को लेकर कई प्रयास किए लेकिन अब जब भाजपा की सरकार है और विधायक भी भाजपा के है। लेकिन अब कोई बजरी माफिया के खिलाफ आवाज नहीं उठा रहा। क्षेत्र के जंगलों में कोठारी नदी से किया हजारों टन बजरी के अवैध स्टॉक मिल जाएंगे जो डंपरों के जरिए दूसरे जिलों में पहुंचाई जा रही है । ग्रामीणों का कहना है कि रात होते ही बजरी का अवैध खनन करने के लिए दो सौ तीन सौ ट्रैक्टर निकल पड़ते हैं। बागोर, भावलास, करनवास, मालपुरा, घोड़ास मांकियास समर्थपुरा, लसाड़िया से गुजरती कोठारी में खनन करते मिल जाएंगे जो पुलिस की नजर में हैं। लेकिन कार्रवाई नहीं होती। बजरी खनन से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। भविष्य में कुएं और नलकूपों में पानी सूख जाएगा। किसानों का पूरा जीवन पानी पर टिका है।