करदाताओं के लिए राहत: सही सत्यापन पर 15 दिन से 2 माह में खाते में आएगा रिफंड
आयकर रिटर्न दाखिल करने के बाद करदाताओं को सबसे ज्यादा इंतजार रहता है रिफंड का। कर विशेषज्ञों का कहना है कि आयकर विभाग रिटर्न दाखिल करने के तुरंत बाद प्रोसेसिंग शुरू कर देता है, लेकिन रिफंड तभी जल्दी मिलता है जब करदाता 30 दिनों के भीतर ई-सत्यापन कर दें। सीए विनय गर्ग के अनुसार जिस दिन करदाता ई-सत्यापन करता है, उसी दिन से रिफंड प्रक्रिया चालू हो जाती है। आमतौर पर रिफंड आने में 15 दिन से लेकर 2 महीने का समय लग सकता है।
रिफंड अटकने की मुख्य वजह
बैंक खाते का गलत विवरण दर्ज होना। बैंक खाता पूर्व से सत्यापित न होना। आयकर रिटर्न की स्क्रूटनी होना। करदाता पर पिछली कर देनदारी होना तथा आय की गणना में त्रुटि होना शामिल है।
ऐसे कर सकते हैं जांच
आयकर विभाग के पोर्टल पर लॉगइन करें। यूजर आईडी (पैन नंबर) और पासवर्ड डालकर प्रवेश करें। माई अकाउंट पर क्लिक करें और रिफंड या डिमांड स्टेटस खोलें। इनकम टैक्स रिटर्न का चयन करें और पावती संख्या पर क्लिक करें। नया पेज खुलेगा, जहां रिटर्न फाइल और रिफंड से जुड़ी सभी जानकारी होगी।
प्रक्रिया के मुख्य चरण
जल्दी रिफंड पाने के लिए टिप्स