भीलवाड़ा

मिलावटखोरों पर हो सख्त कार्रवाई

आमजन को करना होगा जागरूक, तभी रुकेगा खेलशुद्ध के लिए युद्ध अभियान

2 min read
Oct 29, 2020
Strict action should be taken against adulterants in bhilwara

सुरेश जैन
भीलवाड़ा।
नकली व मिलावटी वस्तुओं का उत्पादन व बाजार में बेचने का सिलसिला जारी है। कई साल से खासतौर पर त्योहार के दिनों में मिलावटी खाद्य सामग्री पकड़ी जाती है। रासायनिक तरीके से तैयार मसाले व मिठाई जब्त की जाती है। इनके खिलाफ कार्रवाई के बावजूद मिलावट का कारोबार बढ़ रहा है। देश में बड़ा माफिया नेटवर्क बन चुका है जो कम समय में अधिकाधिक धन कमाने का लालच में आम लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रही है। यह निचोड़ गुरुवार को राजस्थान पत्रिका के शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत टॉक शॉ में निकला। रोडवेज बस स्टैंड के गणेश प्लाजा में शहर के प्रबुद्धजन पत्रिका के टॉक शॉ में शामिल हुए। व्यापारी, युवा, समाजसेवी ने भागीदारी करते खाद्य पदार्थों में मिलावट कैसे रोकी जाए, इस विषय पर विचार रखे।
................
हम कितना मिलावटी खाद्य पदार्थ खा रहे हैं, यह बता पाना मुश्किल है। केवल मिलावटी मसाले का मामला उजागर हुआ लेकिन सैकड़ों चीजों में मिलावट की आशंका सता रही है। उत्पादन करने वाली इकाई पर भी ध्यान देना होगा।
सत्यनारायण जांगिड़, युवा
............
दीपावली जैसा बड़ा त्योहार सामने है। मिलावट करने वाले बड़े व्यापारियों व उत्पादन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तो छोटे व्यापारी मिलावट के बारे में सोच भी नहीं सकेंगे। वे अपने आप सुधर जाएंगे।
माणक सोनी, व्यापारी
..............
बीते कई साल में कार्रवाई देखी है, लेकिन छोटे दुकानदारों तक सिमट जाती है। बड़े मिलावटखोर आसानी से बच जाते हैं लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने सभी विभागों को शामिल कर टीम बनाई। उम्मीद है कि ठोस कार्रवाई होगी।
अखिल झंवर, व्यापारी
.............
त्योहारों के समय सर्वाधिक मिलावट होती है, उस पर कार्रवाई करें। कोरोना में जिस ढंग से काम किया, वैसे ही मिलावटखोरों के खिलाफ भी कार्रवाई करे तो अंकुश लग सकेगा। शिकायत कहां करें इसकी जानकारी आम उपभोक्ता को भी दें।
जयप्रकाश नथरानी, व्यापारी
...........
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान से लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। शहर व जिले में मिलावटी खाद्य सामग्री से तभी छुटकारा मिल सकेगा, जब यह अभियान लगातार चले। वही लोगों को भी इसके प्रति जागरूक होना होगा।
अमित व्यास, व्यापारी
.............
प्रशासनिक अधिकारी को मिलावट रोकने के लिए पहले उत्पादन करने वाले उद्योगों पर लगाम लगानी चाहिए। तभी परिणाम अच्छा आएगा। अभियान केवल त्योहार पर ही क्यों चलता, यह बड़ा सवाल है। अभियान हर माह चलना चाहिए।
अमित मेहता, व्यापारी
.............
अभियान में एनजीओ की मदद लेनी चाहिए। उपभोक्ता कल्याण समिति १२ साल से काम कर रही है, उसे भी अभियान में शामिल करना चाहिए। त्योहारी सीजन में वार रूम हो ताकि कोई भी मिलावटखोरों की शिकायत दर्ज करा सके।
महावीर समदानी, प्रदेश सचिव राजस्थान उपभोक्ता कल्याण समिति
............
मिलावट रोकने के लिए मैन्यूफैक्चरर कार्रवाई होनी चाहिए। विभाग ट्रेडर्स के यहां मिलावटी खाद्य सामग्री पर कार्रवाई करता है। जबकि व्यापारी अन्य स्थान से माल लेकर आता है। जिसके पास बिल भी होता है।
उमेश अग्रवाल, व्यापारी
............
आमजन जब तक जागरूक नहीं होगा तब तक मिलावट को रोकना मुश्किल काम है। हम सभी केवल सरकार अधिकारी पर निर्भर रहते हैं। सबको जानकारी होती है कि कौन मिलावट कर रहा है।
द्वारका प्रसाद अजमेरा, व्यापारी

Published on:
29 Oct 2020 11:11 pm
Also Read
View All