- स्वतंत्रता से साक्षरता तक, हर जिले में चलेगा बाल विवाह रोकथाम का मासिक मिशन
प्रदेश में बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक साझा और सशक्त पहल की है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (2019-21) के आंकड़ों में देशभर में बाल विवाह के मामलों की चिंताजनक स्थिति सामने आने के बाद, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में “बाल विवाह मुक्त राजस्थान अभियान” की शुरुआत की है। अभियान का शुभारंभ गत दिनों उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने किया था। इसके तहत राज्य के सभी जिलों, ब्लॉकों और ग्राम पंचायतों में वर्षभर विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
राज्य सरकार की प्राथमिकता में बाल विवाह पर रोक
बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह पर पूर्ण रोक लगाने की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार सक्रिय हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार तथा राज्य आयोगों के निर्देश पर अब यह अभियान केवल कानूनी कार्यवाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि व्यवहार परिवर्तन, जन-जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी को भी केंद्र में रखेगा।