बैंक कर्मचारी और अधिकारी 2 प्रतिशत वेतन वृद्धि के प्रस्ताव के खिलाफ दो दिन की हड़ताल पर चले गए
भीलवाड़ा।
बैंक कर्मचारी और अधिकारी 2 प्रतिशत वेतन वृद्धि के प्रस्ताव के खिलाफ दो दिन की हड़ताल पर चले गए। जिले की 184 से अधिक विभिन्न बैंकों की शाखाओं के ताले नहीं खुले। पांच सौ कर्मचारी हड़ताल पर है। इससे 680 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ।
बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने बसन्त विहार स्थित एसबीआई शाखा के बाहर प्रदर्शन किया। केन्द्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। हड़ताल से खासकर नौकरी-पेशा लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि 30 से 31 तारीख के बीच वेतन बैंक आता हैं।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संरक्षक जे के पारख व व अध्यक्ष जीवन राम चौधरी ने दावा किया कि निजी बैंकों व सहकारिता से जुड़े बैंकों को छोड़कर सभी राष्ट्रीयकृत बैंक में काम बंद रहेगा। एसबीआईएसए उदयपुर अंचल के उप-महासचिव अजय कुमार गुप्ता एवं सहायक महासचिव अशोक हेमनानी ने बताया कि वेतन वृद्धि का 11 वां द्विपक्षीय समझौता एक नवम्बर 2017 से लागू होना था।
पर आईबीए व सरकार की हठधर्मिता से यह अभी तक लागू नहीं हो पाया है। जबकि केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों को 23 प्रतिशत की वृद्धि दी थी। प्रदर्शन के दौरान सुरेन्द्र जैन, दीलिप पारख, सत्यनारायण व्यास, अशोक मंगलानी, सुरेश मेहता, सुनन्दा राय, लता चौहान, बैंक ऑफ बड़ौदा संदीप खेतान, लोकेश आढ़ा आदि ने विचार जताए। गुप्ता ने बताया, गुरुवार सुबह साढ़े दस बजे पांसल चौराहा स्थित बैंक ऑफ बडौदा के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।
ये बैंक खुले रहेंगे
आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, एक्सिस, यस बैंक और इंडसइंड बैंक किसी भी यूनियन में शामिल नहीं हैं। ऐसे में इन बैंकों में कामकाज यथावत चलता रहेगा।
नकदी संकट की आशंका
बैंक कर्मचारियों के दो दिनों तक हड़ताल पर रहने से नकदी संकट की समस्या आ सकती है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संरक्षक पारख ने बताया कि आम लोग एटीएम नकदी निकालेंगे। नकदी निकासी से अधिकांश एटीएम में पैसे भी खत्म हो सकते हैं। जिले में 250 से अधिक एटीएम है। हालांकि डिजिटल ट्रांजेक्शन की सुविधा पर हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ेगा।
शाहपुरा में यह असर
शाहपुरा. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनिचंल के आह्वान पर वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर बुधवार को शाहपुरा के एस.बी.आई बैंक के सभी कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। जिससे बैंक उपभोक्ता परेशान रहे। वही करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ। ग्रामीणों को बैंक से बेरंग लौटना पड़ा।