
भीलवाड़ा।
सुप्रीम कोर्ट ने कर्ज के वर्गीकरण पर लगाई अंतरिम रोक को समाप्त कर दिया। बैंक अब डिफॉल्टर खाते को एनपीए घोषित कर सकेंगे। कोर्ट ने 3 सितंबर 2020 को कर्जधारकों को बड़ी राहत देते हुए खातों को एनपीए घोषित करने पर अंतरिम रोक लगाई थी। इस फैसले के तहत जो खाते 31 अगस्त 2020 तक मानक के अनुरूप थे, उन्हें एनपीए घोषित नहीं किया जा सकेगा। हालांकि अंतरिम रोक की वजह से बैंक इसके बाद के खातों को भी एनपीए में नहीं डाल पा रहे थे। बैंक इन खातों को प्रोफार्मा एनपीए वर्ग में रखते हैं। अदालत से हरी झंडी मिलने के बाद बैंक ऋण की वसूली के लिए प्रेसर में आ गया है। बैंक वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई भी कर सकेंगे। आरबीआई नियमों के तहत अगर कोई ऋण धारक 90 दिन तक पुनर्भुगतान नहीं करता है तो उसका खाता एनपीए श्रेणी में आ जाएगा। आरबीआई के नए नियम के साथ बैंक ऑडिट को लेकर किए बदलावों और ऑडिट के समय रखी जाने वाली सावधानियों को लेकर बुधवार को दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की प्रोफेशनल डवलपमेंट समिति के सहयोग से पटेल नगर स्थित आईसीऐआई भवन पर बैंक ब्रांच ऑडिट पर सेमिनार का आयोजन किया। इसमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सकल एनपीए 1.3 लाख करोड़ और शुद्ध एनपीए एक लाख करोड़ बढ़ जाएगा।
शाखा अध्यक्ष सीए पीरेश जैन ने बताया कि सेमिनार तीन सत्रों में हुई। मुख्य वक्ता दिल्ली के सीए अकेश व्यास, इंदौर के सीए मनोज गुप्ता व जयपुर के सीए अजय अटोलिया थे। मुख्य अतिथि आईसीऐआई के सेंट्रल कौंसिल मेम्बर सीए प्रकाश शर्मा व सतीश कुमार गुप्ता थे। जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने कर्जधारकों को दी गई लोन मोरेटोरियम सुविधा के तहत पूरी तरह ब्याज माफी से तो इनकार कर दिया, लेकिन ब्याज पर ब्याज वसूलने का दायरा बढ़ा दिया है। इस फैसले से बैंकिंग क्षेत्र पर करीब 8 हजार करोड़ का बोझ और बढ़ जाएगा। सरकार ने दो करोड़ रुपए तक के कर्ज पर ही चक्रवृद्धि ब्याज वसूलने से छूट दी थी। सरकार ने मोरेटोरियम अवधि में वसूले गए ब्याज पर ब्याज को लौटा भी दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ब्याज वसूलने से पूरी तरह रोक तो नहीं लगा सकते, लेकिन मोरेटोरियम के दौरान किसी भी तरह के कर्ज पर चक्रवृद्धि ब्याज नहीं वसूला जा सकता।
सेमिनार में सीए अकेश व्यास ने बताया कि आरबीआई ने दो महीने पहले बैंकों का फॉरमेट बदल दिया है। सीए बैंक की रिपोर्ट तैयार करता है ऐसे में बदलाव उनके लिए काफी अहम हैं। सत्र की अध्यक्षता सीए जीपी सिंघल ने की। मनोज गुप्ता ने रिवाइज्ड एलएफएआर जिसमें हुए बदलाव की जानकारी दी। सत्र की अध्यक्षता सीए नवीन वागरेचा ने की। सीए अजय अटोलिया ने बैंक ऑडिट की जानकारी दी। अध्यक्षता सीए शिव प्रकाश झंवर ने की। शाखा सचिव सीए निर्भीक गांधी ने बताया कि कार्यक्रम में शाखा सदस्य सीए दिनेश सुथार, आलोक पलोड़, नवीन कोगटा, सोनेश काबरा, रामेश्वर लाल बिरला, अशोक जैथलिया, कैलाश चन्द्र बाहेती, कैलाश चन्द्र अजमेरा, निर्मल खजांची, महावीर गांधी, मधु मालानी उपस्थित थे।