सवा साल तक कोरोना महामारी से जंग लडऩे के बाद अब डेंगू और वायरल के प्रकोप ने शहर समेत जिले में लोगों को जकड़ लिया है। एेसे में चिकित्सक विभाग के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। महात्मा गांधी अस्पताल में ही अब तक जांच में एक हजार से अधिक डेंगू रोगी सामने आ चुके हैं।
भीलवाड़ा. सवा साल तक कोरोना महामारी से जंग लडऩे के बाद अब डेंगू और वायरल के प्रकोप ने शहर समेत जिले में लोगों को जकड़ लिया है। एेसे में चिकित्सक विभाग के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। महात्मा गांधी अस्पताल में ही अब तक जांच में एक हजार से अधिक डेंगू रोगी सामने आ चुके हैं। जबकि निजी क्लीनिकों में जांच का आंकड़ा पांच से भी ज्यादा है। इससे निपटने के लिए चिकित्सक विभाग घर-घर सर्वे करवा रहा है।
हर घर में मिलने लगे बीमार
जानकारी के अनुसार हर घर में लोग बुखार और शरीर में थकावट, चक्कर आने जैसे लक्षणों से पीडि़त है। परिवार का एक-दो सदस्य बीमार पड़ा है। डेंगू के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक जांच की सलाह दे रहे हैं। एक सप्ताह पूर्व ही एमजीएच में डेंगू के साढ़े छह सौ रोगी सामने आ चुके थे। आंकड़ा बढ़कर एक हजार के पार हो चुका है। वहीं निजी अस्पतालों और प्रयोगशाला में जांच का आंकड़ा कई गुना ज्यादा है। चिकित्सा विभाग नर्सिंगकर्मियों को घर-घर भेजकर जांच करवा रहा है। लेकिन कई कॉलोनी में अब तक टीम नहीं पहुंच पाई है।
कूलरों को खाली करवाया, हौद में डाली दवाई
चिकित्सा विभाग की सर्वे टीम घर-घर पहुंच कर मकानों में लगे कूलरों की सबसे पहले खैर-खबर ले रही है। कूलर में पानी भरा होने पर उसमें दवाई डालकर लार्वों को खत्म किया जा रहा है। उसके बाद पानी को खाली करने की हिदायत दी जा रही है। घर में बने हौद में साथ लाई गई दवाई को इंजेक्शन के जरिए डाला जा रहा है। यहीं नहीं घर में कितने सदस्य हैं। कोई बीमार तो नहीं। बीमार है तो कब से। जैसे प्रश्न पूछकर सर्वे किया जा रहा है। बुखार पीडि़त को तत्काल चिकित्सक को दिखाने की सलाह दी जा रही है।
एमजीएच में आउटडोर बढ़ा
डेंगू और वायरल का प्रकोप बढऩे से एमजीएच में आउटडोर की संख्या में इजाफा हुआ है। वर्तमान में डेढ़ हजार रोगी प्रतिदिन आउटडोर पहुंच रहे हैं। हालात यह की हर चिकित्सक कक्ष के बाहर मरीजों की लम्बी कतार है।