प्रधानमंत्री की सभा में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को ले जाने में प्रशासनिक मशीनरी को पसीना आ गया
भीलवाड़ा।
c। जिन्होंने संकल्प पत्र भरे थे, उनमें से कई ने एेनवक्त पर जयपुर चलने से मना कर दिया। इसके चलते जिन लोगों को भीड़ लाने की जिम्मेदारी दी गई, उनके हाथ-पांव फूल गए। इस सभा में जयपुर 9300 लाभार्थी ले जाने का लक्ष्य रखा गया। इसके अलावा भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता अलग है।
प्रशासन ने 170 बसों की व्यवस्था तो कर ली लेकिन देर रात तक बैठने वाले तैयार नहीं हुए। स्थिति यह है कि भाजपा ने घर-घर जाकर पीले चावल बांटे और जयपुर चलने का न्योता दिया। कई लोगों ने खेतों में काम बताकर चलने से मना कर दिया। एेसा करने पर सरकारी मशीनरी ने उन्हें सरकारी सुविधा जैसे गैस का चूल्हा, पेंशन, दो रुपए किलो गेहूं आदि बंद होने का तर्क दिया तो भाजपा नेताओं ने उन्हें सुविधाएं देने का भरोसा दिलाया। यहां तक कि उन्हें बाराती की तरह ले जाने व लाने का भरोसा दिलाया तब कई लोग राजी हुए। उधर, देर तक पुलिस व प्रशासन इसकी तैयारियों में लगा रहा।
लाभार्थी के लिए यह इंतजाम जो किए गए
-बस में बैठने के लिए सीट देना जरूरी। कोई भी खड़ा नही रहेगा। बस भी अच्छी होनी चाहिए। चालक बस को शांति से ले जाएगा। बस प्रभारी को यह जिम्मेदारी दी है।
-रास्ते में भूख लगने पर खाना, समय पर पानी व अन्य सुविधा मिलेगी। प्रधानमंत्री की सभा तक ले जाने व वापस छोडऩे की पूरी जिम्मेदारी ली है।
-सामग्री रखने के लिए लाभार्थी को एक बैग, परिचय पत्र व दुपट्टा दिया है। सभा में केवल दुपट्टा ले जाएंगे बाकी सामग्री बस में ही रहेगी।
-तबीयत खराब होने पर कई जगह मेडिकल सुविधा रखी है। हर बस में मेडिकल किट रखवाया है। कोई भी तकलीफ होने पर सरकारी कर्मचारी को जिम्मेदारी दी है।
रास्ते में अगवानी, देंगे नाश्ता और भोजन
लाभार्थियों को जयपुर ले जाने के लिए प्रशासन के अलावा भाजपा नेताओं ने भी इंतजाम किए है। चुनावी साल होने के कारण कई जगह नेताओं ने अगवानी करने व नाश्ता कराने की जिम्मेदारी ली है। इसमें एक विधायक ने तो लौटते वक्त का खाना भी अपनी तरफ से देने को कहा है। वहीं कई नेताओं ने अच्छी होटल बुक कराकर उनमें अपने क्षेत्र के लाभार्थियों के लिए विश्राम करने व भोजन का इंतजाम किया है।
आप ने किया विरोध
जयपुर में हो रहे लाभार्थी सम्मेलन का आम आदमी पार्टी ने विरोध किया है। आप नेता सुनील आगीवाल ने कहा, इसमें सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपए की बर्बादी की जा रही है। इसे लाभार्थी संवाद सभा का नाम देकर भाजपा अपनी योजनाएं गिना रही है।