भीलवाड़ा

भीलवाड़ा के टेलरिंग व्यवसायी की विषाक्त पदार्थ पीने से मौत

शहर के सिंधुनगर में टेलरिंग का व्यवसाय करने वाले एक व्यक्ति की विषाक्त पदार्थ पीने से पांच दिन उपचार के बाद शनिवार रात उपचार के दौरान महात्मा गांधी अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने और ब्याजखोर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इससे मोर्चरी के बाहर हंगामे की िस्थति रही। परिजन विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी से भी मिले। कोतवाली पुलिस ने समझाइश कर मामले को शांत किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया।
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Updated: 22 May 2023, 11:40 AM IST
भीलवाड़ा के टेलरिंग व्यवसायी की विषाक्त पदार्थ पीने से मौत
भीलवाड़ा के टेलरिंग व्यवसायी की विषाक्त पदार्थ पीने से मौत

शहर के सिंधुनगर में टेलरिंग का व्यवसाय करने वाले एक व्यक्ति की विषाक्त पदार्थ पीने से पांच दिन उपचार के बाद शनिवार रात उपचार के दौरान महात्मा गांधी अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने और ब्याजखोर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इससे मोर्चरी के बाहर हंगामे की िस्थति रही। परिजन विधायक विट्ठलशंकर अवस्थी से भी मिले। कोतवाली पुलिस ने समझाइश कर मामले को शांत किया। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सौंप दिया।


अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में लापरवाही के आरोप में तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। जानकारी के अनुसार हलेड रोड िस्थत श्रीजी ग्रीन कॉलोनी निवासी कंचन माखीजा ने रिपोर्ट दी। परिवादी ने बताया कि उसका पति संतोष माखीजा की सिंधुनगर में टेलरिंग की दुकान है। 16 मई को ब्याजखोर से परेशान होकर संतोष ने विषाक्त पदार्थ पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे एमजीएच भर्ती कराया गया। संतोष के स्वास्थ्य में सुधार आ रहा था। परिजनों का आरोप है कि देर रात तबीयत बिगड़ने पर वार्ड में कार्यरत नर्सिंगकर्मी ने ताण का इजेक्शन लगा दिया जबकि संतोष को ताण आती ही नहीं थी। इससे संतोष ने दम तोड़ दिया। शव को मोर्चरी में रखवाया। इस बीच परिजन और बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोग अस्पताल में जमा हो गए। प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण गौड़ से मिले और इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

हरीश मानवानी, राजेश माखीजा, जितेन्द्र मोटवानी, हेमंत दास भोजवानी, जितेन्द्र रंगलानी की अगुवाई में परिजन विधायक अवस्थी से मिले और कार्रवाई की मांग की। विधायक ने पीएमओ से बात की। उसके बाद जांच के लिए कमेटी का गठन हुआ। उधर, कोतवाली में रिपोर्ट में परिजनों ने आरोप लगाया कि व्यवसाय में पैसों की जरूरत होने से कुछ लोगों से संतोष ने उधार लिए। इसके बदले बीस से तीस प्रतिशत ब्याज वसूल रहे थे। नहीं दे पाने पर धमका रहे थे। इससे आहत होकर संतोष ने विषाक्त पदार्थ पीया।

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