शिक्षक भर्ती परीक्षा के तीसरे दिन सोमवार को भीलवाड़ा के एक परीक्षा केंद्र पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जब पेपर संपन्न होने के बाद भी अभ्यर्थी बाहर नहीं निकल सके। कारण था बायोमेट्रिक सत्यापन में आई तकनीकी खराबी। इसके चलते परीक्षार्थियों को करीब 50 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र से बाहर […]
शिक्षक भर्ती परीक्षा के तीसरे दिन सोमवार को भीलवाड़ा के एक परीक्षा केंद्र पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया, जब पेपर संपन्न होने के बाद भी अभ्यर्थी बाहर नहीं निकल सके। कारण था बायोमेट्रिक सत्यापन में आई तकनीकी खराबी। इसके चलते परीक्षार्थियों को करीब 50 मिनट की देरी से परीक्षा केंद्र से बाहर जाने की अनुमति मिल सकी। इस दौरान केंद्र के बाहर इंतजार कर रहे अभिभावकों में भी भारी रोष और चिंता देखी गई।
जानकारी के अनुसार, परीक्षा समाप्त होने के बाद बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। नियमों की तकनीकी बाध्यता के कारण सेठ मुरलीघर मानसिंहका बालिका विद्यालय के परीक्षा सेंटर प्रशासन ने अभ्यर्थियों को तब तक रोके रखा जब तक कि प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और जिला स्तरीय आईटी सेल टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया। टीम के साथ पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने करीब 50 मिनट के अथक प्रयासों के बाद तकनीकी खामी को दूर किया, जिसके बाद सभी परीक्षार्थियों को बाहर जाने दिया गया। एक अभ्यर्थी ने बताया कि पेपर के दौरान ही बायोमेट्रिक के कारण उन्हें परेशान किया जा रहा था। पेपर हल होने के बाद भी उन्हें रोके रखा। बाहर से किसी टीम के आने के बाद ही उन्हें बाहर निकलने दिया गया।
परीक्षा के तीसरे दिन सोमवार को जिले में कुल 9240 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 8497 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 743 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। कुल उपस्थिति 91.95 प्रतिशत दर्ज की गई। दो पारी में आयोजित परीक्षा में कड़ी जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को प्रवेश दिया जा रहा था।