भीलवाड़ा

भादवे में 15 दिन रहेंगे तीज-त्योहार

पितृपक्ष में 15 दिन नहीं होंगे मांगलिक कार्य

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Aug 30, 2021
भादवे में 15 दिन रहेंगे तीज-त्योहार

भीलवाड़ा।
भाद्रपद में 19 सितंबर अनंत चतुर्दशी तक त्योहारों की धूम रहेगी। मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण और प्रथम पूज्य भगवान गणेश का प्राकट्योत्सव भाद्रपद में मनाया जाएगा। पंडित अशोक व्यास के अनुसार ऋषि पंचमी, जलझूलनी एकादशी और अनंत चतुर्दशी जैसे प्रमुख त्योहार भी भाद्रपद में आएंगे। बच्छ बारस और सोमवती अमावस्या भी इसी महीने है। जैन समाज का पर्युषण पर्व भी आएगा। पर्व का सिलसिला 20 सितंबर को स्नानदान पूर्णिमा तक जारी रहेगा। अगले दिन से पितृपक्ष प्रारंभ होने से 15 दिन तक मांगलिक कार्य नहीं होंगे। भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष 13 दिन का है। शास्त्रों में इसे अच्छा नहीं माना जाता है।
आने वाले दिन में त्योहार
कृष्ण जन्माष्टमी : 30 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान की पूजा करेंगे। घरों और मंदिरों में रात 12 बजे भगवान की जन्मोत्सव आरती की जाएगी। खीर, पंजीरी का प्रसाद बांटा जाएगा।
गोगा नवमी: 31 अगस्त को है। इस दिन गोगादेव की पूजा की जाती है। कई लोग नाग पूजन भी करते हैं। इन्हें जाहरवीर भी कहते हैं।
जया एकादशी: एकादशी 2 सितंबर को है। इसे अजा एकादशी भी कहते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर और गौतम ऋषि ने राजा हरीशचंद्र को इस एकादशी का महत्व बताकर उन्हें व्रत करने को कहा था।
गो वत्स द्वादशी: यह द्वादशी 3 सितंबर को है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की द्वादशी पर गो वत्स द्वादशी पर गाय और बछड़े का पूजन करते है। इसे बच्छ बारस भी कहे हैं। पूजन से पुण्य फल मिलता है।
शनि प्रदोष: यह 4 सितंबर को है। शनिवार और प्रदोष का संयोग रहेगा। इस दिन भगवान शिव व शनिदेव की पूजा आराधना की जाएगी। शिव का जल और शनिदेव का तेल से अभिषेक किया जाएगा।
शिव चतुर्दशी: 5 सितंबर को शिव चतुर्दशी रहेगी। इस दिन शिव भक्त व्रत रखकर पूजा करेंगे।
कुशग्रहणी अमावस्या: यह 6 सितंबर को रहेगी। इस दिन पंडित व अन्य लोग पितृ पक्ष के लिए कुशा तोड़ कर लाते हैं। कुशा पूजन कर उसे पितृ पक्ष में तर्पण के लिए रखा जाता है।
रामदेव जयंती: यह 8 सितंबर को है। इस जयंती को धूमधाम से मनाया जाता है।
हरतालिका तीज: यह 9 सितंबर को रहेगी। महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए निर्जला व्रत रखकर शिव-पार्वती की चार प्रहर आरती करती हैं।
गणेश चतुर्थी: यह 10 सितंबर को है। इस दिन भगवान गणेश का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
ऋषि पंचमी: 11 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन सप्त ऋषियों की पूजा की जाती है।
राधाष्टमी: 14 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन राधाजी का प्राकट्योत्सव मनाया जाता है।
डोल ग्यारस: यह 17 सितंबर को मनेगी। इसे जल झूलनी एकादशी भी कहते हैं। मंदिरों के डोल निकाले जाएंगे। ठाकुरजी व यशोदा मैया को जलविहार कराया जाएगा।
अनंत चतुर्दशी: 19 सितंबर गणेश पूजा के बाद स्थापित की गई प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।

Published on:
30 Aug 2021 07:53 am
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