माण्डल थाना क्षेत्र के एक गांव में धर्मस्थल पर बीमार नानी का इलाज कराने को रूकी किशोरी से सामूहिक बलात्कार का मामला झूठा निकला। मामा के जबरन ससुराल भेजने के दबाव से तंग आकर पीडि़ता ने बलात्कार की झूठी कहानी बनाई।
भीलवाड़ा. माण्डल थाना क्षेत्र के एक गांव में धर्मस्थल पर बीमार नानी का इलाज कराने को रूकी किशोरी से सामूहिक बलात्कार का मामला झूठा निकला। मामा के जबरन ससुराल भेजने के दबाव से तंग आकर पीडि़ता ने बलात्कार की झूठी कहानी बनाई। माण्डल पुलिस ने गुरुवार रात मामले का खुलासा किया। पीडि़ता का मेडिकल कराने पर न बलात्कार की पुष्टि हुई और न जिन तीन लोगों पर आरोप लगाए, उनकी मोबाइल लोकेशन घटनास्थल पर मिली। पुलिस मामले की तह में गई तो स्थिति साफ हुई। पीडि़ता को फिलहाल सखी सेंटर पर रखा है।
थानाप्रभारी राजेन्द्र गोदारा के अनुसार चौदह साल की किशोरी धार्मिक स्थल पर इलाज के लिए बीमार नानी को लेकर चार-पांच दिन से रह रही थी। पीडि़ता ने आरोप लगाया था कि वे मंगलवार शाम आरती के समय लघुशंका के लिए पीछे जंगल में गई। धर्मस्थल के निकट भवन की रंगाई-पुताई कर रहे तीन जने उसके मुंह में कपड़ा ठूसकर बाइक पर बिठाकर दूर जंगल में ले गए। वहां सामूहिक बलात्कार किया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया।