
राज्य सरकार ने पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत संचालित पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत विद्यार्थियों को पौष्टिक आहार के रूप में दूध उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण पहल की है। इस योजना के तहत प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को प्रत्येक शैक्षणिक दिवस पर मिल्क पाउडर से तैयार दूध पिलाया जाएगा। यह व्यवस्था अक्टूबर 2025 से मार्च 2026 की अवधि तक लागू रहेगी।
85 लाख किलो मिल्क पाउडर का आवंटन
मिड-डे मील आयुक्त विश्वमोहन शर्मा ने बताया कि राज्य के 41 जिलों के विद्यालयों में कुल 85 लाख 7016 किलोग्राम मिल्क पाउडर की आपूर्ति की जाएगी। इस आपूर्ति का कार्य राज्य सहकारी दुग्ध संघ (आरसीडीएफ) के माध्यम से किया जाएगा। शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों को पौष्टिकता सुनिश्चित करने और विद्यालय स्तर पर दूध वितरण की नियमितता बनाए रखने के लिए आरसीडीएफ को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
विद्यालयवार आपूर्ति की व्यवस्था
मिल्क पाउडर का आवंटन प्रत्येक विद्यालय की आवश्यकता के अनुसार किया गया है। इसके लिए जिला शिक्षा अधिकारियों (मुख्यालय) एवं प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारियों की ओर से भेजी विद्यालयों की सूची तथा छात्रों की संख्या के आधार पर मांग तैयार की गई है। मिल्क पाउडर की डोर स्टेप डिलीवरी आरसीडीएफ की ओर से सुनिश्चित की जाएगी ताकि विद्यालयों को समय पर सामग्री उपलब्ध हो सके।
दूध पिलाने का यह है उद्देश्य
इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों में पोषण स्तर को बढ़ाना, दूध पीने की आदत विकसित करना तथा मिड-डे मील की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है। सरकार का मानना है कि नियमित रूप से दूध प्राप्त होने से बच्चों के शारीरिक विकास, मानसिक एकाग्रता और स्कूल उपस्थिति में सुधार आएगा।
सरस डेयरी करेगी आपूर्ति
राज्यभर में मिल्क पाउडर की आपूर्ति का कार्य सरस डेयरी यूनियनों के माध्यम से किया जाएगा। इसके तहत भीलवाड़ा जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ को सात जिलों में आपूर्ति की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भुगतान की प्रक्रिया पाउडर मिल्क की वास्तविक आपूर्ति के आधार पर की जाएगी।
जिला मिल्क पाउडर
नोट दूध की मात्रा किलोग्राम में है